काउंसलिंग पर लगाई रोक, दोबारा होगी नीट यूजी परीक्षा; एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

नीट यूजी परीक्षा

Neet UG Re-test: एक बार फिर नीट यूजी की परीक्षा पर विवाद खड़ा हो गया। मध्य प्रदेश की इंदौर बेंच ने नीट यूजी परीक्षा के लिए बड़ा फैसला सुनाया। 4 मई को अयोजित हुई नीट यूजी 2025 की परीक्षा में इंदौर और उज्जैन के लगभाग 24 सेंटर्स में बिजली जाने के करण बहुत से बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

नीट यूजी की परीक्षा एक बार फिर विवादों में है। 4 मई को हुई नीट यूजी की परीक्षा के दौरन मध्य प्रदेश के इंदौर और उज्जैन के 24 सेंटर में बिजली चली गई, जिस कारण बच्चों को परीक्षा देने में कठिनाई हुई। इससे इनके। परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ा। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इसे संबन्धित एक बड़ा फैसला सुनाया। नीट यूजी की परीक्षा फिर से कराई जाएगी जिसमें 75 छात्र बैठेंगे। परीक्षा दोबारा करने के लिए नीट की काउंसलिंग प्रक्रिया को रोक दिया गया है। इन बच्चों ने याचिका दायर कर मांगा था मौका

याचिका और हाईकोर्ट की टिप्पणी

75 परीक्षार्थियों की तरफ से दायर याचिका में कहा गया कि ऐसी परिस्थिति में परीक्षा देना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। जस्टिस सुबोध अभयंकर की सिंगल बेंच ने 30 जून को सुनवाई करते हुए साफ कहा कि “बिजली कटौती कोई सामान्य बाधा नहीं है। उम्मीदवारों को अनुचित वातावरण में परीक्षा देने को मजबूर किया गया। इससे उनका मानसिक संतुलन बिगड़ा और प्रदर्शन पर प्रतिकूल असर पड़ा।”

एनटीए की तरफ से दलील दी गई कि कुल 8,790 परीक्षार्थियों में से केवल 75 ने ही लिखित शिकायत की और उनके आंकड़ों के मुताबिक परिणामों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा। मगर कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया।

री-एग्जाम और परिणामों पर रोक

कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को आदेश दिया कि इन 75 छात्रों के लिए नीट यूजी की परीक्षा दोबारा कराई जाए। साथ ही इनके रिजल्ट और काउंसलिंग प्रक्रिया पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए। यानी अब इन छात्रों के रिजल्ट री-एग्जाम के बाद जारी होंगे। इसके अलावा नीट यूजी 2025 की देश भर में काउंसलिंग पर भी फिलहाल रोक रहेगी।

देशभर के लाखों छात्र प्रभावित

मध्य प्रदेश के करीब 2.5 लाख छात्रों सहित पूरे देश के 22 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को इस फैसले से काउंसलिंग और एडमिशन में देरी का सामना करना पड़ सकता है। एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष कोर्सेज की प्रवेश प्रक्रिया पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

भविष्य के लिए मिसाल

कोर्ट का यह निर्णय परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता की अहमियत को दोहराता है। यह मामला भविष्य में एग्जाम मैनेजमेंट सुधारने और तकनीकी खामियों से छात्रों को बचाने के लिए एक उदाहरण बनेगा।

महत्वपूर्ण सूचना

री-एग्जाम की तारीख़ और दूसरी जानकारी एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट पर अपडेट देखते रहें।