Cost of Bhopal Metro increased Due to Delay: लेटलतीफी के चलते भोपाल मेट्रो की लागत 10 हजार करोड़ रुपए पार पहुंच चुकी है। अब मेट्रो ट्रेन का भोपाल में कमर्शियन रन अक्टूबर 2025 से होने की बात सामने आई है। बता दें कि निर्धारित समय सीमा में काम पूरा न होने के चलते मेट्रो के कमर्शियल रन की तिथि बढ़ चुकी है। पहले अगस्त 2025 व फिर सितंबर 2025 में इसे करने की बात कही जा रही थी। अब भोपाल में मेट्रो शुरू करने के मामले में मेट्रो रेल कारपोरेशन के अफसरों ने सीएम मोहन यादव को अक्टूबर के लिए चर्चा की है। मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरूआत 2018 में 6941 करोड़ रुपए की लागत से तय की थी, जो 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गई है। दो कॉरिडोर में लाइन बिछना है। इसमें करोंद से एम्स तक 14.94 किमी और भदभदा से रत्नागिरि तक 12.88 किमी की लाइन शामिल है।
प्रोजेक्ट में कुल 28 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड स्टेशन बन रहे हैं। अभी महज 6.22 किमी पर काम हुआ है। ये पहले चरण का 20 फीसदी भी नहीं है। रोहित एसोसिएट्स ने इसकी मूल डीपीआर तय की थी। इसके अनुसार प्रस्तावित नेटवर्क में 123 किमी है। इसमें जिसमें बैरगढ़, अवधपुरी, कोलार और मंडीदीप जैसे इलाके भी शामिल होंगे। अब तक 6.22 किमी के प्रायोरिटी कॉरिडोर में ट्रैक, स्टेशन और टिकटिंग सिस्टम का काम लगभग पूरा है।
मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग न होने से केंद्र ने उठाए सवाल
मेट्रो ट्रेन के कमर्शियल रन से पहले केंद्रीय आवासन मंत्रालय ने यात्री सुविधाओं को लेकर रेल कारपोरेशन से कई सवाल पूछें हैं। बता दें कि भोपाल में कमर्शियल रन अक्टूबर में दावा किया जा रहा है, लेकिन इंदौर मेट्रो में यात्रियों की कमी देखकर अब कारपोरेशन पर दबाव बढ़ रहा है। केंद्र के सवालों के एक सप्ताह में रेल कारपोरेशन को जवाब देना है। इसमें स्पष्टतौर पर पूछा गया है कि मेट्रो के पास पार्किंग कहां तय कर रहे। बिना पार्किंग यात्री क्यों पहुंचेंगे? दरअसल दिल्ली मेट्रो ने अपने करीब 100 स्टेशनों पर पे एंड पार्क की सुविधा विकसित की हुई है। यात्री अपने घर से निजी वाहन से स्टेशन पहुंचता है।