अपराधियों को ट्रेस करने में पुलिस को आ रही है दिक्कत, मेट्रो के कंस्ट्रक्शन से गड़बड़ाई उउळश् कैमरों की व्यवस्था, करीब 40 कैमरे बंद

भोपाल शहर में जहां लोग मेट्रो की खुदाई से परेशान है, वहां पुलिस को भी अब परेशान होना पड़ रहा है। पुलिस को ट्रैफिक कंट्रोल करने में परेशानी हो रही है, तो वहीं अब सीसीटीवी बंद होने से अपराधियों को ट्रेस करना भी मुश्किल हो रहा है। संवेदनशील इलाकों और यहां तक कि सेंट्रल जेल के बाहर भी कई कैमरे ठीक से काम नहीं कर रहे। जेल रोड पर सिर्फ एक कैमरा सक्रिय है। वहीं, बोर्ड आॅफिस, लिंक रोड, नर्मदापुरम रोड और वीआईपी रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लगे कैमरों की हालत भी खराब है।

शहर की 153 लोकेशन पर कुल 781 कैमरे

शहर की 153 लोकेशन पर कुल 781 कैमरे लगे हैं। इनमें से लगभग 40 कैमरे फिलहाल काम नहीं कर रहे। मेट्रो लाइन निर्माण कार्य और तकनीकी कारणों से कई कैमरे अस्थायी रूप से बंद हैं। यह संख्या समय-समय पर घटती-बढ़ती रहती है। इसके अलावा, शहर के आउटर एरिया की 16 लोकेशनों पर 152 एनपीआर कैमरे लगाए गए हैं, जो भोपाल में प्रवेश और निकासी करने वाले वाहनों की निगरानी करते हैं।

सड़क हादसे बढ़े, फरार आरोपी पकड़ना हो रहे मुश्किल

108 एंबुलेंस सेवा की रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में सड़क हादसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस साल अब तक 5869 एक्सीडेंट केस अस्पताल पहुंचे हैं। यानी हर महीने औसतन 489 लोग सड़क दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। पिछले तीन सालों में 108 सेवा को मिलने वाले कॉल्स में 15 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। खराब सीसीटीवी कैमरों के चलते हादसों के आरोपियों को पकड़ने में भी मुश्किलें आ रही हैं।

450 नई लोकेशन पर 2 हजार कैमरे लगाने की तैयारी

450 नई लोकेशन पर 2 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा, भोपाल में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अलग से कैमरे भी लगाए गए हैं। सिर्फ 40 कैमरे बंद है।

शहर में स्मार्ट सिटी के 29 जंक्शन पर 332 कैमरे

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के 29 प्रमुख चौराहों पर 332 कैमरे लगे हैं। इनमें आरएनबीडी और एनपीआर तकनीक वाले कैमरे शामिल हैं। एनपीआर कैमरे वाहन के नंबर प्लेट को रिकॉर्ड करते हैं, जबकि आरएनबीडी कैमरे निगरानी का काम करते हैं। हालांकि, इन कैमरों में कितने खराब हैं, इसकी सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है।