Side-Effects of Pain Killers: आज के दौर में सिर दर्द, बदन दर्द, पीठ दर्द या मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याएं आम हो चुकी हैं। ऐसे में लोग तुरंत राहत पाने के लिए पेनकिलर का सहारा लेते हैं। हालांकि यह दवाएं अस्थायी रूप से दर्द से छुटकारा दिला सकती हैं, लेकिन इन्हें सही वक्त व सही तरीके से न लेना शरीर पर गंभीर असर डाल सकता है।
खासकर खाली पेट पेनकिलर लेने की आदत आपके पाचन तंत्र से लेकर लिवर और किडनी तक को नुकसान पहुंचा सकती है। पेनकिलर यानी दर्द निवारक दवाएं, मुख्य रूप से शरीर में मौजूद प्रोस्टाग्लैंडिन नामक रसायन के निर्माण को रोकती हैं। यह रसायन दर्द, सूजन और बुखार में भूमिका निभाते हैं। जब इन रसायनों की सक्रियता कम हो जाती है, तो दर्द की अनुभूति भी कम हो जाती है। आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली पेनकिलर में पैरासिटामोल, आइबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनैक, नैप्रोक्सन आदि शामिल होती हैं।
पेट की परत को नुकसान:
जब हम पेनकिलर खाली पेट लेते हैं, तो यह सीधे तौर पर पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित करती है। इससे एसिडिटी, गैस, जलन और अल्सर की समस्या हो सकती है। कई बार लंबे समय तक ऐसा करने से पेट में छाले तक बन जाते हैं। आंतों में सूजन और ब्लीडिंग: कुछ नॉन स्टेरॉयडल एंटी इनफ्लेमेटरी ड्रग्स (एनएसएआईडी) जैसे कि आइबुप्रोफेन या डाइक्लोफेनैक, आंतों की परत को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे इंटेस्टाइनल ब्लीडिंग या सूजन हो सकती है, जिसका इलाज लंबे समय तक चल सकता है। लिवर और किडनी पर असर: खाली पेट पेनकिलर लेने से दवा का प्रभाव सीधा लिवर और किडनी पर पड़ता है। लिवर को दवा के रसायनों को प्रोसेस करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे लिवर फंक्शन कमजोर हो सकता है।इसके अलावा, किडनी में रक्त संचार पर भी असर पड़ता है, जिससे किडनी फैलियर का खतरा बढ़ जाता है।
दर्द में समस्या बनी रहती है:
खाली पेट पेनकिलर लेने से आपको तात्कालिक राहत तो मिल सकती है, लेकिन इसका असर अस्थायी होता है। लंबे समय तक लगातार इस आदत को अपनाने से दवा का असर कम हो जाता है, जिससे आपको बार-बार पेनकिलर की जरूरत पड़ने लगती है, यानी ड्रग डिपेंडेंसी।
इन बातों का रखें खास ध्यान:
हमेशा पेनकिलर खाने से पहले कुछ हल्का खाएं, जैसे कि केला, बिस्किट, टोस्ट या दलिया। डॉक्टर की सलाह के बिना पेनकिलर का नियमित सेवन न करें। लंबे समय तक दर्द होने की स्थिति में उसकी असली वजह जानें, सिर्फ दवा से दर्द को दबाना समाधान नहीं। अगर पेट में जलन या गैस की शिकायत हो, तो पेनकिलर लेने से बचें या डॉक्टर से एंटासिड साथ लेने की सलाह लें।
किडनी या लिवर की कोई पुरानी समस्या हो, तो पेनकिलर से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।