MP में ‘जलाधिकार’ पर संकट: बांधों-नहरों पर कायम अतिक्रमण से मंत्री नाराज, लापरवाह अफसरों पर 7 दिन में एक्शन

PWD and Water Resources Department in MP on target: प्रदेश के अफसरों भर्राशाही थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रदेश में 3 महीने तक चले जल गंगा संवर्धन अभियान में अफसरों को बांधों और नहरों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें सुरक्षित बनाना था, लेकिन अभी भी कई स्थानों से अतिक्रमण की शिकायतें आ रही है, जिसे लेकर मंत्री ने जानकारी तलब की है। इधर, पीडब्ल्यूडी ने प्रदेश के उन सभी आरओबी और फ्लाईओवर की रिपोर्ट बुलाई है जहां तेज मोड़ और अपर्याप्त टर्निंग रेडियस की शिकायत मिल रही है। इसमें भी लापरवाह इंजीनियरों और अफसरों पर एक्शन की तैयारी है।

प्रदेश बांधों और नहरों पर अतिक्रमण को लेकर जलसंसाधन विभाग के मंत्री तुलसी सिलावट सख्त हो गए है। जलगंगा संवर्धन अभियान में नहरों और बांधों से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही नहीं करने वाले अफसरों पर सख्त कार्यवाही की जाना है। मंत्री ने विभाग प्रमुख अभियंता और सभी मैदानी मुख्य अभियंताओं और परियोजना संचालकों से सात दिन के भीतर यह जानकारी मांगी है कि प्रदेश के कितने बांध और नहरे अभी भी अतिक्रमण की चपेट में है।

जलगंगा संवर्धन अभियान के दौरान प्रदेश की सभी जलसंरचनाओं से अतिक्रमण हटाए जाने थे। लेकिन कई जिलों में मैदानी अफसरों ने नहरों और बांधो से ये अतिक्रमण नहीं हटाए। 30 मार्च से शुरू हुए जलगंगा संवर्धन अभियान की समयावधि भी 30 जून को समाप्त हो चुकी है। अब इन सभी अफसरों से यह जानकारी मांगी गई है कि जिलों में कितने बांधों और नहरों में अतिक्रमण है और कितने स्थानों से अतिक्रमण हटाए गए है। अतिक्रमण दुबारा न हो सके इसकी रोकथाम के लिए क्या इंतजाम किए गए है। इसके अलावा ऐसी नहरों का विवरण भी मांगा गया है जो वर्तमान में शहरी क्षेत्र के अंतर्गत आ गई है। यह जानकारी सात दिन के अंदर मांगी गई है।

तय होगी अफसरों की जिम्मेदारी…

प्रदेश के बांधों और नहरों पर अतिक्रमण कर आसपास घर बना लिए जाने और निर्माण कार्य कर लिए जाने, खेती का काम किए जाने के कारण इन बांधों और नहरों का पर्याप्त रखरखाव और मरम्मत नहीं हो पाती है। वहीं कभी इन जलसंरचनाओं के क्षतिग्रस्त होने और टूटने की नौबत आती है तो इनके आसपास अतिक्रमण कर रहने वाले नागरिकों द्वारा जनहानि, पशुहानि और सम्पत्ति की हानि के लिए मुआवजे की मांग की जाती है जबकि ये सभी अतिक्रमण कर जलसंरचनाओं को नुकसान पहुंचाते है इन्हें सख्ती से हटाया जाना चाहिए। अब विभाग इन अतिक्रमणकारियों पर भी सख्ती से कार्यवाही करेगा और इन अतिक्रमण के होने और इनके न हटाए जाने के लिए अफसरों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनपर भी कार्यवाही की जाएगी।