90 डिग्री पर किरकिरी का सबक: अब शार्प टर्न फडइ, फ्लाईओवर कॉरिडोर की डिटेल जुटा रहा PWD

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे 90 डिग्री के रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) ने लोक निर्माण विभाग (PWD) की देशभर में किरकिरी कराई है. इस घटना के बाद अब विभाग एक्शन मोड में आ गया है. PWD मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर, विभाग ने प्रदेश भर में ऐसे सभी ब्रिज, ROB, फ्लाईओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर की पड़ताल शुरू कर दी है, जहाँ निर्माण में तीखे मोड़ हैं या वाहनों की गति के अनुसार पर्याप्त टर्निंग रेडियस और ट्रांजिशन लेंथ नहीं है.

खराब डिज़ाइन की पड़ताल, 3 दिन में मांगी रिपोर्ट

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता केपीएस राणा ने ब्रिज निर्माण से जुड़े सभी मुख्य अभियंताओं और कार्यपालन यंत्रियों को तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों में कहा गया है कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे सभी ब्रिज, ROB, फ्लाईओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर की विस्तृत जानकारी दें, जिनमें इंडियन रोड कांग्रेस (IRC) के अद्यतन संशोधनों, ग्रामीण क्षेत्रों में बने हाईवे के ज्योमेट्रिक डिजाइन स्टैंडर्ड्स और ग्रेड सेपरेटर एवं एलिवेटेड स्ट्रक्चर में प्रावधानित हॉरिजॉन्टल कर्व की शर्तों का पालन नहीं किया गया है.

विभाग ने उन सामान्य कमियों को भी रेखांकित किया है, जो अक्सर देखने को मिलती हैं. इनमें तीव्र मोड़ (Sharp curves), वाहनों की गति के अनुसार अपर्याप्त टर्निंग रेडियस और ट्रांजिशन लेंथ, मोड़ों पर इंटरनल और एक्सटर्नल वाइंडिंग का अपर्याप्त प्रावधान, और वाहनों की गति के अनुसार मोड़ों पर सुपर एलिवेशन का प्रावधान न होना शामिल है. इन सभी कमियों वाले निर्माण कार्यों की जानकारी अगले तीन दिनों के भीतर देने का सख्त निर्देश दिया गया है.

इस पड़ताल का मकसद उन सभी खामियों को दूर करना है, जो भोपाल के ऐशबाग ROB जैसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोक सकें और प्रदेश में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें. यह कदम विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.