Astronaut Shubhanshu Shukla returns to Earth today: अंतरिक्ष स्टेशन जाकर इतिहास रचने वाले भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की आज धरती पर वापसी होगी। शुभांशु और एक्सिओम-4 मिशन के उनके तीन साथी 10 मिनट की देरी से सोमवार शाम 4.45 बजे (भारतीय समयानुसार) अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से धरती के लिए रवाना हुए। अंतरिक्ष यात्रियों का यह दल लगभग 22.5 घंटे का सफर पूरा करने के बाद मंगलवार यानी आज दोपहर करीब 3 बजे (भारतीय समयानुसार) कैलिफोर्निया के समुद्री तट पर उतरेगा। इसे लेकर सारे देश की निगाहें लगी हुई हैं। लखनऊ मे शुभांशु का परिवार उनकी धरती पर वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। शुभांशु के आने की सूचना से परिवार बेहद उत्साहित है और उनकी सकुशल वापसी के लिए प्रार्थना कर रहा है। रातभर शुभांशु का परिवार टीवी स्क्रीन और अंतरिक्ष एजेंसी की लाइव फीड से जुड़ा रहा। शुभांशु की मां, बहन और परिवार के अन्य सदस्य मंत्रोच्चार और आरती करते रहे। शुभांशु की वापसी की दुआओं में परिवार वालों की पूरी रात कटी। पिता शम्भू दयाल शुक्ला ने मंगलवार सुबह सुंदरकांड पाठ किया। उन्होंने कहा, सुबह हमने शिव मंदिर में रुद्राभिषेक किया, दीपक जलाए और प्रार्थना की। हमें भोलेनाथ पर पूरा भरोसा है कि शुभांशु सुरक्षित वापस आएंगे। हम उनसे मिलने के लिए उत्साहित हैं।
शुभांशु के अनुभव से गगनयान समेत कई मिशन में मिलेगा लाभ
एक्सिओम-4 का सफल प्रक्षेपण भारत के महत्वाकांक्षी मानव मिशन गगनयान की पहली सीढ़ी माना जा रहा है। गगनयान के अलावा इसरो कई महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशनों पर तेजी से काम कर रहा है। इसमें वर्ष 2035 तक एक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाना और किसी भारतीय को चांद पर भेजना शामिल है। एक्सिओम-4 मिशन को इन्हीं महत्वाकांक्षी अभियानों की आधारशिला बताया जा रहा है। शुभांशु को जो अनुभव मिलेंगे, उसका लाभ भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों को कामयाब बनाने में मिलेगा, क्योंकि इसरो को अभी तक अंतरिक्ष में मानव मिशन का अनुभव नहीं है। यही कारण है कि इस मिशन पर सरकार ने करीब 550 करोड़ रुपए की राशि तक खर्च की है।
हमने बेटे की वापसी की दुआ की: मां आशा शुक्ला
मां आशा शुक्ला ने कहा, एक मां होने के नाते, मैं हमेशा अपने बच्चों के लिए प्रार्थना करती हूं, लेकिन इस मिशन की शुरूआत से, मैं हर दिन और भी अधिक प्रार्थना कर रही हूं। मैं लगातार उनके बारे में सोचती रहती हूं – क्या वह ठीक से खा रहे हैं, पर्याप्त आराम कर रहे हैं और क्या वह सुरक्षित हैं। हमने घर पर विशेष प्रार्थनाएं कीं, दीपक जलाए और फूल चढ़ाए और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना की।