उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक आईएएस अफसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह वकीलों के बीच माफी मांगते हुए कान पकड़कर उठक-बैठक लगाते नजर आ रहे हैं। यह घटना काफी चर्चा में है और लोगों के बीच इस पर अलग-अलग राय बनी हुई है। लोगों में वीडियो को देखकर हैरानी भी है, क्योंकि जो अफसर उठक-बैठक लगा रहा है, अब तक उसकी दिलेरी के चर्चे होते आए हैं।
जिला शाहजहांपुर में वकीलों के सामने IAS रिंकू सिंह ने तहसील मे उठक बैठक लगाते हुए माफी मांगी।
— All India Bar Association (@indiaadvocates) July 29, 2025
तहसील में इन महोदय का कहना था की गंदगी करने पर वकीलों से उठक बैठक लगवाएंगे
लेकिन वकीलों की ताकत का अंदाजा नहीं है इसलिए उल्टा इनको ही उठक बैठक लगायी।@CMOfficeUP @myogiadityanath pic.twitter.com/F06qaHULgn
दरअयल यह वीडियो आईएएस अफसर रिंकू सिंह राही का है। हाल ही में उन्हें पुवाया का एसडीएम बनाया गया है। जानकारी के मुताबिक बीते मंगलवार निरीक्षण के लिए निकले थे। उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति टॉयलेट के बाहर गंदगी कर रहा था। इस पर वह नाराज हो गए और उस व्यक्ति को उठक-बैठक लगवा दी। इसके बाद वकीलों ने इस घटना पर आपत्ति जताई और हंगामा करते हुए धरना शुरू कर दिया। जब अफसर रिंकू सिंह राही वकीलों के बीच पहुंचे, तो उन्होंने माफी मांगते हुए खुद भी कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई। आईएएस रिंकू सिंह राही ने कहा कि गलत करने वाले को दंड मिलना चाहिए ताकि वह दोबारा गलती ना करे। मैं यह समझाने के लिए खुद भी उठक-बैठक कर रहा हूं। साथ ही उन्होंने बताया कि यह सब उन्होंने वकीलों से बेहतर तालमेल बनाने के लिए किया है।
2009 में उजागर किया था 100 करोड़ का घोटाला
रिंकू सिंह राही ने 2009 में मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण अधिकारी के पद पर रहते हुए करीब 100 करोड़ के घोटाले का पदार्फाश किया था। इससे बौखलाए लोगों ने उन पर हमला कर दिया था। तब उन्हें सात गोलियां मारी गई थीं। इस हमले में वह बच गए लेकिन उनका चेहरा जख्मी हो गया था। इसके चलते सोशल मीडिया पर लोग सरकार पर सवाल उठा रहे हें।