Heavy rains in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं. इस गंभीर स्थिति के बीच, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर मुआवजे के वितरण में पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष भी मध्य प्रदेश के हजारों गांवों में अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण सोयाबीन, धान और मूंग की हजारों हेक्टेयर फसलें तबाह हो गई हैं, लेकिन भाजपा की मध्य प्रदेश सरकार का तंत्र मुआवजा बांटने में घोर लापरवाही और पक्षपात दिखा रहा है.
44 लाख से अधिक किसानों का बीमा क्लेम अटका
जीतू पटवारी ने राज्य में फसल बर्बादी के बाद हुए नुकसान के सर्वे का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि कई जिलों में सरकारी मदद समय पर किसानों तक नहीं पहुंच पाई है, और 72 घंटे के भीतर नुकसान की रिपोर्ट करने के बावजूद किसान हफ्तों से सर्वे और भुगतान का इंतजार कर रहे हैं. पटवारी के अनुसार, 44 लाख से अधिक किसानों का फसल बीमा क्लेम या तो रुका हुआ है या लंबित है, और हजारों किसानों को अभी तक न तो फसल बीमा मिला है और न ही मुआवजा.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहराता संकट
किसानों की समस्याओं को रेखांकित करते हुए पटवारी ने बताया कि 2025 में मूंग सहित दाल की समर्थन मूल्य पर खरीद बंद कर दी गई है. उनके मुताबिक, इस फैसले से राज्य को 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति और बदतर हो रही है. किसानों की मांगें बहुत स्पष्ट हैं: हर नुकसान का त्वरित सर्वे, पूर्ण मुआवजा, और सम्पूर्ण कर्ज की तत्काल माफी. लेकिन पटवारी का कहना है कि जब तक सरकार केवल फाइलों में उलझी रहेगी, तब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था ठप रहेगी और किसान बेबस बने रहेंगे.
केंद्र और राज्य सरकार पर पटवारी का निशाना
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सीधा सवाल करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अब देश के कृषि मंत्री बन चुके हैं, लेकिन प्रदेश के किसान अभी भी बेहाल हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी किसानों को निराश करने का आरोप लगाया. पटवारी ने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि कब तक भाजपा की अदूरदर्शी नीतियां देश के साथ मध्य प्रदेश के किसानों के साथ धोखाधड़ी करती रहेंगी? दरअसल, राज्य में लगातार जारी भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है और किसानों की फसलों पर इसका व्यापक असर पड़ा है. किसान एक तरफ खाद-बीज के लिए परेशान हैं, तो वहीं मौसम की मार ने उनकी कमर तोड़ दी है.