भोपाल में अनुसूचित जाति विकास कार्यालय के पदस्थ सहायक ग्रेड-1 बाबू जीवन लाल बरार को लोकायुक्त पुलिस ने एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने की।
आरोप है कि जीवन लाल बरार ने छिंदवाड़ा में सहायक ग्रेड-2 पदस्थ उषा दाभीरकर से उनके जाति प्रमाण पत्र की जांच दबाने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये लेते समय वह पकड़ा गया।
शिकायत पर कार्रवाई
उषा दाभीरकर के जाति प्रमाण पत्र की जांच उच्च अधिकारी कर रहे थे। उनकी नौकरी में सिर्फ 2 साल बचे थे। इसी जांच को दबाने के लिए आरोपी ने रिश्वत की मांग की और भरोसा दिलाया कि मामला अधिकारियों तक नहीं पहुंचेगा, लेकिन इसके लिए मोटी रकम देनी होगी।
परेशान होकर उषा दाभीरकर ने जबलपुर लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले से शिकायत की। जांच में रिश्वत की बात सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जीवन लाल बरार को गिरफ्तार कर लिया।
कानूनी कार्रवाई
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13 (1)(B), 13 (2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।