अनिल अंबानी पर CBI का शिकंजा, ₹17,000 करोड़ के Yes Bank लोन फ्रॉड केस में घर पर तलाशी जारी

अनिल अंबानी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बाद अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 17,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी से जुड़ी जगहों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। शनिवार सुबह 7 बजे से CBI के 7-8 अधिकारी मुंबई के कफ परेड स्थित उनके आवास सीविंड पर छापेमारी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यह तलाशी अभियान रिलायंस कम्युनिकेशंस के प्रमोटरों के खिलाफ दर्ज किए गए एक नए मामले से संबंधित है।

जांच में सामने आईं अनियमितताएँ

यह मामला यस बैंक से ₹17,000 करोड़ के संदिग्ध ऋण लेनदेन से जुड़ा है, जो वित्तीय वर्ष 2017-2019 के दौरान अनिल अंबानी की कंपनियों को दिया गया था। CBI की जांच में सामने आया है कि ये ऋण कुछ ऐसी कंपनियों को दिए गए, जिनके पास सत्यापन योग्य स्रोत नहीं थे। इसके अलावा, कई ऋण लेने वाली संस्थाओं के निदेशक और पते एक ही पाए गए, और ऋण फाइलों में आवश्यक दस्तावेज़ों की कमी थी। जांच में यह भी पता चला कि शैल कंपनियों के नाम पर ऋण स्वीकृत किए गए और पुराने ऋणों को चुकाने के लिए नए ऋण लिए गए।

ED ने इस मामले की जांच के सिलसिले में रिलायंस ग्रुप के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनिल अंबानी से पहले भी पूछताछ की थी। ED ने रिलायंस ग्रुप से जुड़ी 50 व्यावसायिक संस्थाओं और 25 व्यक्तियों के ठिकानों पर मुंबई में 35 जगहों पर तलाशी ली थी। यह छापेमारी 24 जुलाई को की गई थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और सबूत मिले थे।

यस बैंक के साथ संदिग्ध लेनदेन

CBI की इस कार्रवाई के पीछे यस बैंक के साथ हुए कुछ संदिग्ध लेनदेन हैं। सूत्रों के अनुसार, यस बैंक के प्रमोटरों को अनिल अंबानी की कंपनियों को ऋण दिए जाने से ठीक पहले उनके कारोबार में भारी पैसा मिला था। इस कनेक्शन को लेकर CBI घूस और दोनों पक्षों के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है।

CBI अधिकारियों ने PTI को बताया कि उनकी जांच भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को ₹2000 करोड़ के नुकसान से भी जुड़ी हुई है। इस पूरे मामले में CBI और ED दोनों की जांच समानांतर चल रही है, जिससे अनिल अंबानी की परेशानी और भी ज़्यादा बढ़ने की संभावना है। अनिल अंबानी और उनका परिवार इस समय अपने आवास पर मौजूद हैं, जहां अधिकारियों की तलाशी जारी है।