ट्रम्प ने भारत पर दिए बयान से पलटी मारी, बोले- “मोदी मेरे हमेशा दोस्त रहेंगे”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को भारत के खिलाफ दिए गए अपने बयान पर कुछ ही घंटों में यू-टर्न ले लिया। सुबह 6 बजे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा था— “ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। उम्मीद है उनका भविष्य बेहतर होगा।”

लेकिन शाम 6 से 7 बजे के बीच व्हाइट हाउस में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प का लहजा बदल गया। उन्होंने कहा— “मैं हमेशा प्रधानमंत्री मोदी का दोस्त रहूंगा। भारत के साथ रिश्तों को दोबारा मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।”

पीएम मोदी का जवाब

शनिवार सुबह 9:45 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रम्प की नई टिप्पणी को शेयर करते हुए X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा— “मैं राष्ट्रपति ट्रम्प की भावनाओं और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर उनके विचारों की दिल से सराहना करता हूं। भारत और अमेरिका के बीच सकारात्मक और दूरदर्शी रणनीतिक साझेदारी कायम है।”

प्रेस ब्रीफिंग में व्यापार और रूस का मुद्दा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने भारत समेत अन्य देशों के साथ चल रही व्यापारिक बातचीत को अच्छा बताया, लेकिन यूरोपीय संघ (EU) द्वारा गूगल पर लगाए गए 3.5 अरब डॉलर के जुर्माने पर नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने यह भी कहा कि वे भारत के रूस से तेल खरीदने के फैसले से निराश हैं। इस पर उन्होंने दोहराया— “भारत पर हमने इसके लिए 50% का भारी टैरिफ लगाया है।”

बोल्टन की टिप्पणी से बढ़ा था विवाद

ट्रम्प की टिप्पणियों से पहले, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने 4 सितंबर को कहा था कि ट्रम्प और मोदी के बीच की पुरानी दोस्ती अब खत्म हो चुकी है। ब्रिटिश मीडिया LBC से बातचीत में बोल्टन ने आरोप लगाया था कि “व्हाइट हाउस ने अमेरिका-भारत संबंधों को दशकों पीछे धकेल दिया, जिससे मोदी रूस और चीन के करीब आ गए। चीन ने खुद को अमेरिका और ट्रम्प के विकल्प के रूप में पेश किया है।”
बोल्टन ने इसे ट्रम्प की सबसे बड़ी गलती करार दिया और कहा था कि अब हालात को सुधारना मुश्किल है।