मध्यप्रदेश में बारिश के कारण खराब हुई सड़कों को देखने लोक निर्माण विभाग के सभी चीफ इंजीनियरों और अन्यअभियंताओं की टीम पूरे प्रदेश में उतरी और दस हजार किलोमीटर सड़कों को उन्होंने देखा। इसमें से डेढ़ सौ किलोमीटर सड़कें खराब मिली है। इन सड़कों को सुधारने के लिए ईएनसी ने पंद्रह अक्टूबर तक की समयसीमा तय की है।
हालांकि प्रदेशभर में अलग-अलग स्थानों पर हो रही बारिश के चलते इन सड़कों की मरम्मत और संधारण में मुश्किल आ रही है इसलिए पांच दिन में लक्ष्य पूरा होना मुश्किल है। मुख्य सचिव अनुराग जैन भी कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेस के दौरान बारिश से खराब हुई सड़कों को दीपावली से पहले सुधारने के लिए जुट कर काम करने के लिए निर्देशित कर चुके है।
इस बार पूरे प्रदेश में पिछले सालों की अपेक्षा ज्यादा बारिश हुई है। जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण हुए जलभराव और भारी वाहनों की आवाजाही से इस बार सड़कें कुछ ज्यादा ही खराब हुई है। खास तौर पर शहरी क्षेत्रों में जहां ट्रेफिक का दबाव ज्यादा रहता है वहां की सड़कें ज्यादा खराब हुई है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता केपीएस राणा ने प्रदेश के सभी मुख्य अभियंताओं को पिछले महीने निर्देश दिये थे कि वे अपने अधीनस्थ सभी इंजीनियरों की टीम के साथ अपने अपने क्षेत्र की सड़कों का निरीक्षण करें और खराब सड़कों को चिन्हित करें और पंद्रह अक्टूबर तक इन सड़कों की मरम्मत कराना सुनिश्चित करें
केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता लोनिवि का कहना है कि- पंद्रह अक्टूबर तक प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर खराब मिली सड़कों को सुधारने का लक्ष्य है। हालाकि अभी भी हो रही बारिश से सड़कों के संधारण में दिक्कत हो रही है लेकिन बारिश बंद होते ही हम तय समयसीमा के भीतर सभी सड़कों में पर्याप्त सुधार कार्य पूरा करवा लेंगे।
ठेकेदारों ने शुरू किया मैंटेनेंस वर्क
प्रदेश भर के मुख्य अभियंताओं ने अपने पूरे अमले के साथ प्रदेशभर की सड़कों का निरीक्षण कर प्रमुख अभियंता को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। लोक निर्माण विभाग के अमले ने कुल दस हजार किलोमीटर सड़कों का निरीक्षण किया तो इसमें डेढ़ सौ किलोमीटर सड़कों में गढ्ढे मिले है। इन सड़कों की हालत खराब पाई गई है। अब मुख्य अभियंताओं ने परफारमेंस गारंटी में आने वाले मार्गो में आवश्यक सुधार के लिए सभी संबंधित ठेकेदारों से सुधार कार्य कराना शुरू कर दिया है। सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण यंत्रियों को इसके लिए कार्ययोजना बनाकर रोजाना सुधार और मरम्मत कार्य की जानकारी की प्रविष्टि प्रतिदिन निर्धारित प्रपत्र में सॉफ्टवेयर में कराना है।
अफसरों का दावा- दिवाली के पहले पूरा हो जाएगा काम
शासन के दिशा निर्देश के अनुसार निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के साथ सुधार और मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए गए है। खास तौर पर पहले भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित सभी बड़े नगर निगमों के अंतर्गत आने वाली लोक निर्माण विभाग द्वारा बनवाई गई सड़कों में मरम्मत और सुधार कार्य कराया जा रहा है। हालांकि प्रदेश के कई जिलों में बारिश के दस दिन पहले तक रुक-रुक कर हो रही बारिश सड़कों के संधारण, मरम्मत में बाधक बन रही है। ऐसे में डेढ़ सौ किलोमीटर सड़कों के गड्ढों को सुधारने का लक्ष्य पंद्रह अक्टूबर तक पूरा होंना मुश्किल लग रहा है। हालांकि विभाग के अफसरों का दावा है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर दीपावली त्यौहार के पहले सड़कों की मरम्मत का काम पूरा कर लेंगे