7 अक्टूबर हुई हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। घटना में उसकी ही पत्नी का हाथ था। मृतक पति उसको और उसके बच्चे को प्रताड़ित करता था जिससे तंग आकर पत्नि हंसिया से उसकी हत्या कर मायके चली गई। करवा चौथ से पहले पत्नि द्वारा की गई हत्या से सभी लोग स्तब्ध है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 07 अक्टूबर को थाना देहात में ग्राम रोहना स्थित सुधीर चौहान के खेत (खलिहान) में धान के बीच एक अज्ञात शव औंधे मुंह पड़ा है की सूचना मिली। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा द्वारा त्वरित कार्यवाही करने हेतु थाना प्रभारी देहात को निर्देशित किया गया। थाना प्रभारी देहात द्वारा मय हमराह बल, एफएसएल टीम एवं शासकीय फोटोग्राफर द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर फोटोग्राफी की गई तथा पंचनामा कार्यवाही पूर्ण की गई। जांच में मृतक की पहचान राजू धुर्वे पिता रामलाल धुर्वे, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम झिरपी, थाना सिराली, जिला हरदा के रूप में हुई। जिस पर मर्ग कायम कर शव का पीएम कराया गया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में गले पर चोट और खून बहने से मृत्यु होना पाया गया। जांच के दौरान ज्ञात हुआ कि घटना के दिन मृतक की पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके गई थी। संदेह के आधार पर मृतक की पत्नी सेवंती को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने पति द्वारा शराब पीकर लगातार मारपीट करने और बच्चों को प्रताड़ित करने से परेशान होकर घटना की रात दरांती से हत्या करना स्वीकार किया। हत्या के बाद शव को खेत में फेंककर, खून के निशान व कपड़े धोकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की और बच्चों को लेकर मायके चली गई। आरोपिया सेवन्ती के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दरांती, घटना के समय पहने कपड़े एवं मृतक के कपड़े जप्त कर आरोपिया के विरुद्ध थाना देहात में अप क्र. 613/25 धारा 103 इजाफा 238 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया। पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस थोटा के मार्गदर्शन, एएसपी अभिषेक राजन के निर्देशन एवं एसडीओपी जितेंद्र पाठक के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी देहात निरी. सौरभ पांडे द्वारा सहायतार्थ बल के टीम गठित कर संपूर्ण कार्यवाही की गई ।
उक्त कार्यवाही में एसडीओपी जितेन्द्र पाठक, थाना प्रभारी देहात निरी. सौरभ पांडे, उपनिरीक्षक मोनिका गौर, सउनि प्रवीण शर्मा, सउनि दिनेश कुमार मेहरा तथा प्रआर मनोज सोनी, प्रआर नवीन दुबे, मप्रआर पदमा, आर जितेंद्र राजपूत, आर भूपेंद्र, आर फोटोग्राफर बंटी चौहान एवं प्रआर चालक संजय यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।