बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 6 नवंबर को वोटिंग होगी। उससे पहले प्रचार अभियान मंगलवार शाम को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद उम्मीदवारों के पास सिर्फ 24 घंटे का वक्त बचेगा, जिसमें वे स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाकर वोटरों से अपील कर सकेंगे।
क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र बांकीपुर है, जो मात्र 16.239 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जबकि सबसे बड़ा सूर्यगढ़ा है जिसका क्षेत्रफल 624.751 वर्ग किलोमीटर है। मतदाताओं की संख्या के लिहाज से सबसे कम वोटर बरबीघा में हैं, जहां 2,31,998 मतदाता दर्ज हैं। वहीं, सबसे ज्यादा मतदाता दीघा में हैं, जिनकी संख्या 4,57,657 है। पहले चरण में कुढ़नी और मुजफ्फरपुर में सबसे अधिक 20-20 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि भोरे, अलौली और परबत्ता में सबसे कम पांच-पांच प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
इस चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान होगा। इन सीटों के लिए कुल 3,75,13,302 मतदाता 1,314 उम्मीदवारों का भविष्य 6 नवंबर को ईवीएम में कैद करेंगे। चुनाव आयोग ने पर्यवेक्षकों को सख्त हिदायत दी है कि वोटिंग के दौरान उत्सव जैसा माहौल बनाएं और अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करें। आयोग ने मोबाइल जमा करने की व्यवस्था, नई वीआईएस स्लिप, इसीआईनेट ऐप की लोकप्रियता, सभी बूथों से 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग और मतदान की रिपोर्टिंग पर विशेष निर्देश जारी किए हैं।
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए पहले चरण में 121 सामान्य पर्यवेक्षक, 18 पुलिस पर्यवेक्षक और 33 व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। कुल 45,324 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें ग्रामीण इलाकों में 36,733 और शहरी क्षेत्रों में 8,608 केंद्र हैं। 926 केंद्रों का संचालन महिलाएं करेंगी, जबकि 107 केंद्र दिव्यांग कर्मियों के जिम्मे होंगे। 320 मॉडल बूथ भी तैयार किए गए हैं। औसतन प्रत्येक बूथ पर 827 मतदाता वोट डालेंगे।