दिल्ली के लालकिला मेट्रो स्टेशन के निकट सोमवार शाम एक चलती वाहन में हुए विस्फोट में नौ व्यक्तियों की जान चली गई। इस हादसे के बाद मध्य प्रदेश में उच्च स्तरीय सतर्कता घोषित कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने इससे पूर्व 8 सितंबर को राजगढ़ के ब्यावरा से कामरान नामक व्यक्ति को और 18 अक्टूबर 2025 को भोपाल से अदनान खान को हिरासत में लिया था। ये दोनों युवक राजधानी में विस्फोट की योजना बना रहे थे। आईएसआईएस के हैंडलरों ने उन्हें धार्मिक उन्माद के आधार पर नौ युवाओं को संगठन में शामिल करने का दायित्व सौंपा था।
सीरिया से आया था विस्फोट का निर्देश
भोपाल के निशातपुरा क्षेत्र से 20 वर्षीय अदनान को आतंकी गतिविधियों के संदेह पर पकड़ा गया। वह सीरिया स्थित आईएसआईएस कमांडर के प्रत्यक्ष संपर्क में था और उसी से दिल्ली में ब्लास्ट करने का आदेश प्राप्त हुआ था। अदनान इंडस रीजेंसी कॉलोनी के मकान संख्या ए-46 में निवास करता था। उसके पिता गुलफाम एक नामी कंपनी में लेखाकार हैं। अदनान ने बारहवीं कक्षा में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे, जिसके कारण पिता ने उसे चार्टर्ड अकाउंटेंसी की तैयारी करवाई।
पड़ोसियों की मानें तो अदनान अपनी शारीरिक फिटनेस पर विशेष ध्यान देता था और अधिकांश समय अपने कमरे में गुजारता था। उसने डार्क वेब, टेलीग्राम तथा आईएमओ ऐप्स के माध्यम से सीरिया के आईएसआईएस कमांडर के इशारे पर विस्फोट की तैयारियां आरंभ कीं। अदनान ने एक सहयोगी की मदद से हथियार इकट्ठा किए और धार्मिक कट्टरता से संबंधित सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट की। पुलिस ने उसके मोबाइल तथा लैपटॉप को कब्जे में ले लिया।
अदनान हक्कानी का समर्थक
पूछताछ के दौरान अदनान ने स्वीकार किया कि वह प्रतिदिन आठ से दस घंटे लैपटॉप और फोन पर व्यतीत करता था। वह खुद को भारत के वांछित आतंकी सिराजुद्दीन हक्कानी का अनुयायी बताता था। लखनऊ फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट के मुताबिक, अदनान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर पर उर्दू में ‘काफिर’ शब्द लिखा था और 2024 में फिल्म ‘हमारे 12’ के विरुद्ध पोस्ट शेयर की थी। वह इंस्टाग्राम पर ‘खिलजी’ नाम से अकाउंट संचालित करता था।
आईएसआईएस हैंडलर अबू से संबंध
दिल्ली की स्पेशल सेल ने 16 अक्टूबर को मोहम्मद अदनान उर्फ अबू मुहरिब को गिरफ्तार किया। जांच में भोपाल के अदनान का नाम उजागर हुआ। दोनों आईएसआईएस हैंडलर अबू इब्राहिम अल-कुरैशी के संपर्क में थे। अदनान को उसके निवास से धार्मिक पुस्तकें तथा लैपटॉप सहित पकड़ा गया। उसने इंस्टाग्राम पर नकली पहचान भी बनाई हुई थी।
कामरान भी आईएसआईएस के लिए सक्रिय था
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजगढ़ के ब्यावरा से इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) से जुड़े आतंकी कामरान कुरैशी को 8 सितंबर को हिरासत में लिया।
आईईडी निर्माण के लिए सामग्री बरामद
पुलिस ने कामरान की गिरफ्तारी के बाद खुलासा किया कि अशरफ दानिश भारत से आतंकी मॉड्यूल चला रहा था। रांची स्थित उसके अड्डे से एक देशी पिस्तौल, कारतूस, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, सल्फर पाउडर, कॉपर शीट, बॉल बेयरिंग, स्ट्रिप वायर, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, लैपटॉप, मोबाइल फोन तथा नकदी बरामद हुई। कामरान उसके संपर्क में था और दिल्ली में विस्फोट की साजिश रच रहा था।
सोशल मीडिया से युवाओं की भर्ती
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए संदिग्ध भारत में बड़े पैमाने पर आतंकी हमला करने की तैयारी में थे। वे सोशल मीडिया का उपयोग कर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें अपने जाल में फंसाने का काम करते थे। आतंकी समूह सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने तथा धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से कई ऑनलाइन समूह भी चलाता था। इसी मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अगस्त 2024 में रांची से डॉ. इश्तियाक को गिरफ्तार किया था।