सीआरपीएफ जवान कर्मवीर यादव का निधन, गंडाला गांव में भव्य तिरंगा यात्रा के साथ अंतिम विदाई

कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के गंडाला गांव के निवासी सीआरपीएफ जवान कर्मवीर यादव का 9 दिसंबर को मणिपुर के इंफाल में ड्यूटी के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। शुक्रवार देर रात उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, जहां शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए गांव के सैकड़ों युवाओं ने भव्य तिरंगा यात्रा निकाली। यह यात्रा शनिवार सुबह करीब 8 बजे नीमराना के पास बाबा खेतानाथ मंदिर बाइपास से शुरू हुई और गांव तक करीब 8 किलोमीटर का सफर तय किया।

युवा बाइकों पर सवार होकर हाथों में तिरंगा थामे नजर आए। पूरे रास्ते ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’, ‘कर्मवीर यादव अमर रहें’ और ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, कर्मवीर तेरा नाम रहेगा’ जैसे गगनभेदी नारे गूंजते रहे। यात्रा रोडवाल और माजरी कलां होते हुए गंडाला में पंजाब नेशनल बैंक के पास कर्मवीs यादव के घर पहुंचकर समाप्त हुई। अंतिम यात्रा में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

कर्मवीर यादव वर्ष 2007 में सीआरपीएफ में ड्राइवर के रूप में भर्ती हुए थे। फिलहाल उनकी तैनाती मणिपुर के इंफाल स्थित रांगोली में सीआरपीएफ की 189 बटालियन में थी।

बटालियन के आरओ इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि 9 दिसंबर की रात ड्यूटी पूरी कर कर्मवीर बैरक लौटे, खाना खाया और सोने चले गए। रात करीब 10 बजे साथी जवान ने उन्हें आवाज दी तो वे बेहोश पाए गए। तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों के अनुसार, कर्मवीर 20 नवंबर को छुट्टी पर घर आए थे। फ्लाइट कैंसिल होने से 8 दिसंबर को ही ड्यूटी जॉइन कर पाए थे। उसी दिन (9 दिसंबर) को उन्हें कॉन्स्टेबल से हेड कॉन्स्टेबल का प्रमोशन मिला था। प्रमोशन की खुशी में उन्होंने घर पर पत्नी, बेटे और माता-पिता से फोन पर बात की थी। कुछ घंटे बाद ही दुखद खबर परिवार तक पहुंची।