मथुरा में साइबर ठगों पर पुलिस का छापा, 42 गिरफ्तार

मथुरा जिले के कुछ गांव अब साइबर ठगों के नए अड्डे बनते जा रहे थे। लंबे समय से डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लोन ऐप, ट्रेडिंग फ्रॉड और अन्य ऑनलाइन ठगी की शिकायतें इन इलाकों से लगातार मिल रही थीं। यह स्थिति झारखंड के जामताड़ा जैसी हो चली थी, जो देश में साइबर क्राइम की राजधानी के नाम से बदनाम है।

इन खतरनाक संकेतों को देखते हुए मथुरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। एसपी देहात सुरेश चंद रावत के नेतृत्व में चार सर्किल ऑफिसरों (सीओ) और भारी पुलिस बल की कई टीमों ने एक साथ चार गांवों पर छापेमारी की। इनमें थाना गोवर्धन क्षेत्र का गांव देवसेरस प्रमुख था।

शुक्रवार सुबह जैसे ही पुलिस की गाड़ियों का काफिला गांवों में दाखिल हुआ, पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कई संदिग्ध लोग भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें दबोच लिया।

कार्रवाई में कुल 42 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनके पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक और अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुए। पुलिस ने कई लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं।

एसपी देहात ने बताया कि सभी हिरासत में लिए गए लोगों से साइबर सेल की टीम गहन पूछताछ कर रही है। जिनके खिलाफ ठोस सबूत मिलेंगे, उनके विरुद्ध आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि मथुरा को साइबर अपराध का नया हब बनने से रोकने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। इस सफल ऑपरेशन से जहां स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं साइबर ठगों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।