कटनी जिले के विजयराघवगढ़ क्षेत्र में स्थित घुनौर गांव और निकटवर्ती इलाकों में पिछले दो दिनों से व्याप्त भय का वातावरण गुरुवार को खत्म हो गया। वन विभाग की टीम ने लंबे प्रयास के बाद उस तेंदुए को पिंजरे में सफलतापूर्वक कैद कर लिया, जिसने एक 10 साल के बच्चे की जान ले ली थी। इस रेस्क्यू अभियान की सफलता के बाद स्थानीय लोगों ने काफी राहत महसूस की।
यह दुखद हादसा 30 दिसंबर 2025 को दोपहर लगभग 1 बजे हुआ। घुनौर गांव का रहने वाला राज कोल लकड़ी इकट्ठा करने जंगल की ओर गया था, तभी छिपे हुए तेंदुए ने अचानक उस पर धावा बोल दिया और उसे झाड़ियों में खींच ले गया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
खबर मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। गहन खोज अभियान चलाने के बाद झाड़ियों से बच्चे का बुरी तरह क्षत-विक्षत शव मिला। इस घटना से गांव वालों में गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने तेंदुए को फौरन पकड़ने की मांग की। अधिकारियों की समझाइश से मामला शांत हुआ।
तेंदुए को पकड़ने के लिए 1 जनवरी 2026 की सुबह से विशेष अभियान शुरू किया गया। वन टीम ने घुनौर के जंगली इलाकों में तेंदुए के आवागमन वाले मार्गों की पहचान की और वहां मजबूत पिंजरे स्थापित किए, जिनमें चारा रखा गया। लगातार निगरानी और घंटों की प्रतीक्षा के बाद आखिरकार तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। टीम ने यह ऑपरेशन बेहद सावधानी से पूरा किया ताकि कोई अतिरिक्त हानि न हो।
एसडीओ सुरेश भरौले के अनुसार, कई घंटों की मेहनत के बाद तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। वह पूरी तरह स्वस्थ है और जल्द ही उसे सतना जिले के मुकुंदपुर स्थित सफारी एवं चिड़ियाघर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।