मध्य प्रदेश में पैरामेडिकल छात्रों का भविष्य प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है। ग्वालियर के ऐतिहासिक गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक छात्र मोहित गुप्ता ने कॉलेज के मुख्य गेट पर ही फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। गनीमत रही कि वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे समय रहते देख लिया और सुरक्षित नीचे उतार लिया।
5 साल बाद भी हाथ खाली पीड़ित छात्र मोहित ने 2021 में इस उम्मीद के साथ एडमिशन लिया था कि 2 साल में कोर्स पूरा कर वह परिवार की आर्थिक मदद करेगा। लेकिन जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी की देरी के चलते 5 साल बाद भी कोर्स अधूरा है। मोहित ने एक वीडियो जारी कर 18 जनवरी तक की डेडलाइन दी है। उसने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों के भीतर रिजल्ट नहीं आया, तो वह अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेगा, जिसका जिम्मेदार यूनिवर्सिटी स्टाफ होगा।
हजारों छात्रों का भविष्य अधर में यह समस्या सिर्फ मोहित की नहीं है। प्रदेश भर के हजारों छात्र एक्स-रे, डायलिसिस और माइक्रो टेक्नीशियन जैसे कोर्सेज के रिजल्ट के लिए भटक रहे हैं। छात्र आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुके हैं।
प्रशासन की सफाई घटना के बाद कॉलेज के डीन डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने छात्रों को समझाने की कोशिश की। उन्होंने माना कि रिजल्ट में देरी से छात्र भारी तनाव में हैं। डीन ने आश्वासन दिया है कि वे यूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर जल्द परिणाम घोषित करने का दबाव बनाएंगे। हालांकि, वीडियो जारी करने के बाद से मोहित का मोबाइल बंद है और वह लापता है, जिससे कॉलेज प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ गई है।