बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले जारी: नरसिंदी में युवक को जिंदा जलाकर की हत्या

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों का सिलसिला जारी है। हाल के दिनों में कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें हिंदू व्यक्तियों की क्रूर हत्याएं की गई हैं। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर आरोप लग रहे हैं कि वे इन घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे।

नरसिंदी में युवक को जिंदा जलाकर मार डाला

बांग्लादेश के नरसिंदी जिले में शुक्रवार रात एक 23 वर्षीय हिंदू युवक चंचल चंद्र भौमिक की दर्दनाक हत्या कर दी गई। पुलिस और परिवार के अनुसार, चंचल अपनी दुकान के गैरेज में सो रहा था। हमलावरों ने बाहर से शटर बंद कर दिया, पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। चंचल की चीखें सुनकर भी हमलावर वहां डटे रहे, जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं। परिवार का कहना है कि यह धार्मिक आधार पर सुनियोजित हत्या थी। चंचल परिवार का मुख्य कमाने वाला था और उसकी जिम्मेदारी बीमार मां तथा दिव्यांग भाई पर थी। पड़ोसी उसे शांत और मेहनती युवक बताते हैं।

गाजीपुर में केले के विवाद पर कारोबारी की पीट-पीटकर हत्या

एक सप्ताह पहले गाजीपुर जिले में एक छोटे-से विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। 55 वर्षीय हिंदू व्यवसायी लिटन चंद्र घोष (उर्फ काली), जो ‘बैशाखी स्वीटमीट एंड होटल’ के मालिक थे, को पीट-पीटकर मार डाला गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी स्वपन मियां (55), उनकी पत्नी माजेदा खातून (45) और बेटा मासूम मियां (28) ने लिटन पर हमला किया। विवाद तब शुरू हुआ जब आरोपी ने लिटन की दुकान में केले देखे और बहस हो गई। हमले में लिटन को घूंसे-लातों से जमीन पर गिरा दिया गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।

जमात-ए-इस्लामी नेता का विवादित बयान

इन घटनाओं के बीच जमात-ए-इस्लामी के नेता और बरगुना-2 सीट से उम्मीदवार अफजल हुसैन के बयानों ने विवाद खड़ा कर दिया है। एक चुनावी रैली में उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले देश की संसद में गैर-मुस्लिमों को कोई जगह नहीं मिलनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने संविधान को अस्वीकार करते हुए इस्लामी दंड व्यवस्था (जैसे हाथ काटना) लागू करने की वकालत की। ऐसे बयान अल्पसंख्यकों में भय पैदा कर रहे हैं।