14 फरवरी 2026 को पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी पूरी हो गई है। वर्ष 2019 में इसी दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए कायरतापूर्ण हमले में सीआरपीएफ के 40 बहादुर जवान शहीद हो गए थे। यह घटना देश के इतिहास का एक अत्यंत दुखद अध्याय बनी हुई है। पूरे राष्ट्र ने आज उन वीर शहीदों को गहन श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने मातृभूमि की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन वीरों का बलिदान, निष्ठा और राष्ट्रसेवा हमारी सामूहिक स्मृति में सदैव अंकित रहेगी। उन्होंने जोर दिया कि हर भारतीय उनके अदम्य साहस से प्रेरणा प्राप्त करता है और देश उनके इस ऋण को कभी नहीं भूलेगा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि यह सर्वोच्च त्याग हमें आतंकवाद के खिलाफ एकजुट संघर्ष की प्रेरणा देता रहता है। उन्होंने बल देकर कहा कि आज का भारत जीरो टॉलरेंस नीति के साथ आतंक को जड़ से खत्म करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने हमले को कायराना बताते हुए कहा कि शहीदों का यह पराक्रम भारतीय शौर्य का प्रतीक है, जो हमें सुरक्षा के प्रति और अधिक सजग रहने का संदेश देता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान आतंकवाद के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
राजनीतिक मतभेदों से परे विपक्षी नेताओं ने भी शहीदों के प्रति गहरी कृतज्ञता जताई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन बहादुर जवानों का साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण हमेशा जीवित रहेगा तथा उनका बलिदान अमर है।
एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने सैनिकों की बहादुरी, त्याग और देशभक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने सदैव अपनी निष्ठा से देश की संप्रभुता को सुरक्षित रखा है और पुलवामा शहीदों की राष्ट्रभक्ति को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।