उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों तेज हलचल मची हुई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों से अलग-अलग भेंट की। इन बैठकों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का सिलसिला तेज कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, लखनऊ के निराला नगर स्थित संघ कार्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डॉ. भागवत के बीच करीब 35-40 मिनट तक निजी बातचीत हुई। इसके बाद संघ प्रमुख ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक से क्रमशः अलग-अलग मुलाकातें कीं। हालांकि ये भेंटें औपचारिक और शिष्टाचार वाली बताई जा रही हैं, लेकिन इनका समय और क्रम राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि ये संवाद सरकार और संघ के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में अहम कदम हो सकते हैं। खासकर ऐसे समय में जब प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार, संगठनात्मक फेरबदल और आगामी विधानसभा चुनावों (2027) की तैयारियों की चर्चाएं जोरों पर हैं।
संघ की ओर से हाल के महीनों में उत्तर प्रदेश में बढ़ी सक्रियता को देखते हुए विशेषज्ञ मानते हैं कि 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति, सामाजिक संतुलन और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर फोकस किया जा सकता है। इन मुलाकातों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि संघ और सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, जो चुनावी सफलता के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।