छत्तीसगढ़: खल्लारी माता मंदिर रोपवे हादसा, 1 श्रद्धालु की मौत, 4 घायल

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में रविवार को चैत्र नवरात्र के दौरान एक बड़ा दुर्घटनाग्रस्त हादसा हो गया। मंदिर परिसर में संचालित रोपवे की केबल अचानक टूटने से ट्रॉली में सवार श्रद्धालु नीचे गिर गए।

हादसा सुबह करीब 10:30 बजे उस समय हुआ, जब श्रद्धालु देवी के दर्शन कर रोपवे के माध्यम से लौट रहे थे। ट्रॉली लगभग 20 फीट की ऊंचाई से पहाड़ी की चट्टान से टकरा गई। इस घटना में एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में बच्चे और वृद्ध भी शामिल हैं।

सभी घायलों को तुरंत बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केबल टूटते ही ट्रॉली अनियंत्रित हो गई और जोरदार झटके से चट्टान से जा टकराई, जिससे श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आईं।

हादसे के बाद मंदिर परिसर में भगदड़ मच गई और मौजूद भक्तों में दहशत फैल गई। स्थानीय ग्रामीणों, पुलिस और राहत टीमों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को निजी वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

चैत्र नवरात्र के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ थी। स्थानीय निवासियों ने रोपवे के नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उचित मेंटेनेंस से इस दुर्घटना को रोका जा सकता था।

प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। फिलहाल रोपवे सेवा को बंद कर दिया गया है।

खल्लारी माता मंदिर के बारे में

महासमुंद जिले से लगभग 25 किलोमीटर दूर खल्लारी गांव की पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। चैत्र और शारदीय नवरात्र में यहां लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 800 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडव इस पहाड़ी पर आए थे। प्रतिवर्ष चैत्र पूर्णिमा को यहां वार्षिक मेला भी लगता है।