पंजाब: वेयरहाउस अधिकारी गगनदीप रंधावा ने मंत्री लालजीत भुल्लर पर आरोप लगाकर सुसाइड किया, पूर्व मंत्री-पिता-PA पर FIR दर्ज  

पंजाब में राजनीतिक तूफान मच गया है। पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अमृतसर जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने शनिवार तड़के सेलफॉस जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले उन्होंने एक छोटा वीडियो बनाया, जिसमें परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर गंभीर आरोप लगाए दबाव, मारपीट, धमकी और उत्पीड़न का। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

रंधावा ने आरोप लगाया कि तरनतारन जिले के पट्टी और खेमकरण इलाके में गोदाम निर्माण के टेंडर को लेकर मंत्री ने दबाव डाला। मंत्री के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर टेंडर देने की मांग की गई, लेकिन रंधावा ने नियमों के अनुसार दूसरे बोलीदाता को दिया। इसके बाद 13 मार्च को मंत्री के घर बुलाकर कथित तौर पर पीटा गया, अपमानित किया गया और परिवार को मारने की धमकी दी गई। रंधावा ने इसकी शिकायत तरनतारन डीसी, यूनियन प्रधान और PSWC MD को लिखित में की थी, जिसमें सुरक्षा और ट्रांसफर की मांग की गई थी।

मंत्री का इस्तीफा, CM ने जांच सौंपी

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीडियो सामने आने के कुछ घंटों बाद ही लालजीत सिंह भुल्लर से इस्तीफा ले लिया। CM ने कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या दुराचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को सौंपी गई है, जो समयबद्ध तरीके से पूरी होगी। भुल्लर ने इस्तीफा देते हुए आरोपों को झूठा बताया और निष्पक्ष जांच की बात कही।

परिवार का विरोध: FIR दर्ज होने के बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं

मृतक की पत्नी उपिंदर कौर ने रंजीत एवेन्यू थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई। आरोपियों में पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और पर्सनल असिस्टेंट दिलबाग सिंह (बग्गा) शामिल हैं। धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (आपराधिक धमकी) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज हुआ।

परिवार ने सख्त रुख अपनाया है तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी तक पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगे और अंतिम संस्कार भी नहीं होगा। उन्होंने CBI जांच और PGIMER या AIIMS जैसे बड़े संस्थान में पोस्टमॉर्टम की मांग की है। पुलिस ने रविवार को पोस्टमॉर्टम का प्रयास किया, लेकिन परिवार और रिश्तेदारों के विरोध के कारण नहीं हो सका। माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। परिवार ने AAP नेताओं को घर आने से मना किया है और अनहोनी की जिम्मेदारी से इनकार किया है।

विपक्ष का हमला: ‘गैंग ऑफ मिनिस्टर्स’, CBI जांच की मांग

पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने परिवार से मुलाकात की और घटना को “दिन-दहाड़े हत्या” बताया। उन्होंने कहा, “यह कैबिनेट नहीं, गैंग ऑफ मिनिस्टर्स है। पहले विजय सिंगला, फिर अन्य मामले और अब यह भगवंत मान के पास सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक आधार नहीं।” जाखड़ ने भुल्लर की तत्काल गिरफ्तारी, CBI जांच और समयबद्ध न्याय की मांग की। BJP ने परिवार को हर संभव मदद देने का वादा किया।

कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी हत्या का केस दर्ज करने की मांग की। अकाली दल के बिक्रम मजीठिया ने आरोप लगाया कि अफसर को नग्न करके अपमानित किया गया और परिवार को धमकाया गया। विपक्षी दल रविवार को CM आवास का घेराव करने की योजना बना रहे हैं।