इंदौर: पेंटहाउस Airbnb विवाद में कार से कुचलकर की गई सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या

लसूड़िया थाना क्षेत्र के शिव वाटिका टाउनशिप में पेंटहाउस को एयरबीएनबी के जरिए किराए पर देने को लेकर हुए विवाद में एक युवती की कार से कुचलकर हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान इंफोसिस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम कर रही शंपा पाठक पांडे के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी युवक और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना बुधवार रात करीब 10:30 बजे एमआर-11 स्थित शिव वाटिका टाउनशिप की सागरश्री एन्क्लेव बिल्डिंग में हुई। पुलिस के अनुसार, बिल्डिंग में कुलदीप चौधरी अपने पेंटहाउस को एयरबीएनबी पर किराए पर दे रहे थे, जिससे रोजाना नए लोग आते-जाते रहते थे। इस बात से परेशान रहवासियों ने कई बार आपत्ति जताई थी।

मामले की जानकारी देते हुए टीआई तारेश सोनी ने बताया कि मंगलवार रात रहवासियों ने आरोपी के फ्लैट की लाइट बंद कर दी। इसे लेकर कुलदीप चौधरी नीचे उतरे और उन्होंने भी रहवासियों के फ्लैट की लाइट बंद कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों में झगड़ा शुरू हो गया। इसी दौरान आरोपी कुलदीप के बेटे मोहित चौधरी तेज रफ्तार से कार लेकर मौके पर पहुंचा और पहले एक महिला कर्मचारी को टक्कर मार दी, फिर शंपा पांडे को अपनी कार से कुचल दिया।

शंपा पांडे को गंभीर हालत में बॉम्बे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पूरी घटना बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरों में कैद है और पुलिस ने डीवीआर जब्त कर लिया है। पुलिस अब एयरबीएनबी के माध्यम से यहां आने वाले लोगों की भी जांच कर रही है।

पति का आरोप: जानबूझकर नहीं रोकी कार

मृतका के पति सौरभ पांडे (अयोध्या, उत्तर प्रदेश निवासी) ने बताया कि रात को बिल्डिंग के नीचे शोर सुनकर वे परिवार सहित नीचे गए। मारपीट शुरू होते ही मोहित चौधरी 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार लेकर आया। उसने पहले एक महिला कर्मचारी को घायल किया, फिर उनकी पत्नी शंपा को निशाना बनाया।

सौरभ ने कहा, “कार मेरी तरफ आई तो मैं बच गया, लेकिन शंपा बच नहीं पाईं। कार पहले उनके बॉनेट से टकराई, फिर दीवार से। इसके बावजूद आरोपी ने कार नहीं रोकी और सीधे शंपा पर चढ़ा दी। वह चाहता तो आसानी से ब्रेक लगा सकता था और मेरी पत्नी बच सकती थीं।”

कुछ दिन पहले ही खरीदा था अपना फ्लैट

सौरभ पांडे ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले ही इस बिल्डिंग में फ्लैट खरीदा था और मात्र 13 मार्च को दो बच्चों व पति के साथ यहां शिफ्ट हुए थे। परिवार में 7 वर्षीय बेटा श्रेयांश (तीसरी कक्षा) और 10 वर्षीय बेटा श्रेष्ठ (पांचवीं कक्षा) शामिल हैं। वे तीन-चार साल पहले इंदौर आए थे और पहले स्कीम 114 में रहते थे।

रहवासियों का कहना है कि पेंटहाउस मूल प्लान में शामिल नहीं था और खरीदते समय इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। शनिवार-रविवार को इस मुद्दे पर सोसाइटी की मीटिंग भी हुई थी, जिसमें काफी बहस हुई।

सोसाइटी अध्यक्ष: पेंटहाउस पूरी तरह अवैध

शिव वाटिका टाउनशिप सोसाइटी के अध्यक्ष गौरव नाइक ने बताया कि बिल्डिंग में करीब तीन हजार लोग रहते हैं। पेंटहाउस अवैध निर्माण है। ज्यादातर निवासी एक महीने पहले ही यहां शिफ्ट हुए हैं। बिल्डर से विकास संबंधी कई मुद्दों पर विवाद चल रहा है, लेकिन कोई सुविधा नहीं दी जा रही है।

बिल्डर का बयान

बिल्डर लोकेश राणा ने कहा कि रहवासियों की शिकायत पर कुलदीप चौधरी को तीन-चार बार लिखित चेतावनी दी गई थी और उन्हें फ्लैट खाली करने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई थी।