शाह का असम में UCC ऐलान: आदिवासी बाहर, चार शादियां बंद

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान गोआलपाड़ा जिले के दुधनोई में जनसभा को संबोधित करते हुए समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का वादा किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर मोदी और हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी तो असम में UCC लाया जाएगा, लेकिन आदिवासी भाई-बहन इसके दायरे से बाहर रहेंगे।

शाह ने कहा, “आप असम में मोदी जी और हिमंत बिस्वा सरमा जी की सरकार बना दीजिए। हम असम में UCC लागू करेंगे। कोई चार शादियां नहीं कर पाएगा। कांग्रेस UCC के नाम पर आदिवासियों को डरा रही है, लेकिन हम जानते हैं कि इसे किस पर लागू करना है। आदिवासी क्षेत्र UCC के अंतर्गत नहीं आएंगे।”

उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर भी जोर देते हुए कहा कि घुसपैठ रोकने के बावजूद युवाओं की शिकायत है कि अवैध प्रवासियों की बढ़ती संख्या स्थानीय लोगों को प्रभावित कर रही है। शाह ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने पर सभी घुसपैठियों को चिन्हित कर पांच वर्षों में बाहर भेज दिया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने असम को घुसपैठियों का केंद्र बना दिया था।

शाह ने आदिवासियों के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा तैयार रोडमैप का भी जिक्र किया और चाय बागान मजदूरों, महिलाओं व जनजातीय समुदायों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। असम विधानसभा चुनाव में मतदान 9 अप्रैल को होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।

ममता बनर्जी का पलटवार: वोटर लिस्ट में घुसपैठिए हैं तो मोदी इस्तीफा दें

इसी दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। दक्षिण दिनाजपुर जिले में चुनावी रैली के दौरान ममता ने कहा कि अगर वोटर लिस्ट में घुसपैठिए भरे हैं तो उन्हीं के वोट से मोदी जी सांसद और प्रधानमंत्री बने हैं। ऐसे में उन्हें पहले अपना इस्तीफा दे देना चाहिए।

ममता ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर लाखों वैध मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, जबकि फर्जी नाम जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने पहले भी प्रधानमंत्री को “सबसे बड़े घुसपैठिए” करार दिया था और मताधिकार छीनने की साजिश का आरोप लगाया है। टीएमसी का दावा है कि इस प्रक्रिया में बंगाली मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

बंगाल में SIR विवाद काफी गरमाया हुआ है। ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर भाजपा पर फॉर्म-6 के जरिए अन्य राज्यों के लोगों को वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा का कहना है कि हटाए गए नाम घुसपैठियों के थे।