अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा दावा किया है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। उन्होंने इसे ‘न्यूक्लियर डस्ट’ या परमाणु धूल करार देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता और सीजफायर अब बहुत करीब पहुंच गया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि अगर अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होते हैं तो वह खुद वहां जा सकते हैं।
ट्रम्प के अनुसार ईरान अब पहले की तुलना में काफी लचीला रुख अपनाया है। उन्होंने इसे चार सप्ताह की सैन्य कार्रवाई और हार्मुज जलडमरूमध्य पर लगाई गई मजबूत नाकेबंदी का नतीजा बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की खुलकर तारीफ की और पाकिस्तानी आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर की भूमिका को सराहा। ट्रम्प ने कहा कि पाकिस्तान के माध्यम से बातचीत आगे बढ़ रही है और अगला दौर इस सप्ताहांत में इस्लामाबाद में हो सकता है।
पिछले सप्ताह इस्लामाबाद में हुई पहली प्रत्यक्ष वार्ता 21 घंटे तक चली थी लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका था। अमेरिका ने ईरान से यूरेनियम संवर्धन पर 20 साल की रोक, प्रमुख परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने और संवर्धित यूरेनियम का भंडार सौंपने जैसी शर्तें रखी थीं। ईरान ने 5 साल की रोक और भंडार को पतला करने का प्रस्ताव दिया था लेकिन पूरा भंडार बाहर भेजने से इनकार कर दिया। ट्रम्प के हालिया बयान में अब ईरान की ओर से कुछ सकारात्मक संकेत मिलने का दावा किया गया है।
हालांकि ईरान की ओर से ट्रम्प के इन दावों की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौजूदा सीजफायर 21 अप्रैल को खत्म होने वाला है और दोनों पक्षों के बीच अभी भी कई मुद्दों पर मतभेद बाकी हैं। पाकिस्तान दोनों देशों के बीच संवाद का पुल बनाए हुए है और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।