ईरान ने कहा- अमेरिकी नाकेबंदी हटे तभी होर्मुज खुलेगा और सीजफायर संभव

ईरान ने मौजूदा तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने से इनकार कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट खुलना संभव नहीं है। साथ ही, ईरान ने इस नाकेबंदी को सीजफायर का उल्लंघन बताते हुए किसी भी बातचीत में शामिल होने से मना कर दिया है।

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी ब्लॉकेड के बिना कोई वार्ता नहीं होगी। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिकी नाकेबंदी हटने तक बंद रहेगा। हाल में ईरान ने इस क्षेत्र में तीन व्यावसायिक जहाजों पर हमला किया और दो को जब्त कर लिया, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी जारी रखने का फैसला किया। ट्रंप ने कहा कि ईरान को एकजुट प्रस्ताव लेकर आना होगा। हालांकि, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई वाली अमेरिकी टीम का इस्लामाबाद दौरा अभी अनिश्चित बना हुआ है।

पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। ईरान ने कहा कि नाकेबंदी हटने के बाद ही इस्लामाबाद में दूसरा दौर की बातचीत हो सकती है। पहला दौर अप्रैल की शुरुआत में हुआ था, जिसमें कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। मुख्य मुद्दे ईरान का परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट का नियंत्रण और प्रतिबंधों में राहत रहे।

विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस गुजरता है। इसकी बंदी से वैश्विक तेल कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं। फिलहाल कल प्रस्तावित US-ईरान वार्ता की कोई पुष्टि नहीं हुई है और दोनों ओर सख्त रुख बना हुआ है।