अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर दूसरे दौर की बातचीत पर अनिश्चितता बनी हुई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक छोटे प्रतिनिधिमंडल के साथ शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं, लेकिन ईरान ने अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष बैठक से साफ इनकार कर दिया है। ईरान ने अपनी अटल शर्तें पाकिस्तान को सौंप दी हैं, जबकि अमेरिका की ओर से ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर आज इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं।
व्हाइट हाउस ने कहा है कि दोनों अमेरिकी दूत पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से ईरानी प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे। ईरान की तरफ से स्पष्ट किया गया कि इस यात्रा के दौरान कोई औपचारिक अमेरिकी बैठक नहीं होगी। अराघची की यात्रा को क्षेत्रीय परामर्श बताया गया है, जिसमें पाकिस्तान के अलावा ओमान और रूस भी शामिल हैं।
ईरान ने पहले दौर की बातचीत (11-12 अप्रैल) के बाद अपनी मुख्य शर्तें पाकिस्तान को दी हैं, जिनमें लेबनान में स्थायी युद्धविराम, इजरायल के हमलों पर रोक, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम करना, प्रतिबंधों में छूट और युद्ध क्षतिपूर्ति शामिल हैं।
पाकिस्तान इस मुश्किल मध्यस्थता में सक्रिय है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री इशाक दार और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दोनों पक्षों से लगातार संपर्क में हैं। पहले दौर की 21 घंटे की मैराथन बातचीत बिना ठोस समझौते के खत्म हुई थी, लेकिन पाकिस्तान दो हफ्ते के सीजफायर को बढ़ाने में कामयाब रहा था।