अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत ने वैश्विक स्तर पर लगाए गए 10 प्रतिशत आयात शुल्क को अवैध घोषित कर रद्द कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि 24 फरवरी 2026 को लागू किया गया यह टैरिफ 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत कानूनी रूप से वैध नहीं है।
यह फैसला 2-1 के बहुमत से सुनाया गया। अदालत ने पाया कि राष्ट्रपति ने इस धारा का दुरुपयोग किया है। ट्रंप प्रशासन ने भुगतान संतुलन घाटे को सुधारने और डॉलर की कीमत गिरने से बचाने का हवाला देते हुए 150 दिनों के लिए यह शुल्क लगाया था, लेकिन अदालत ने इसे उचित नहीं माना।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नया टैरिफ
यह नया टैरिफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन के पिछले व्यापक टैरिफ को खारिज करने के बाद लगाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 के टैरिफ को अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत अमान्य करार दिया था। 24 अमेरिकी राज्यों और कई छोटे व्यवसायों ने अदालत में याचिका दायर कर दावा किया था कि नया टैरिफ दरअसल सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दरकिनार करने की कोशिश है।
कुछ क्षेत्रों पर टैरिफ बरकरार
अदालती आदेश के बावजूद स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों पर लगे टैरिफ फिलहाल प्रभावी रहेंगे। ये क्षेत्र इस विशेष कानूनी चुनौती के दायरे से बाहर हैं और पिछले सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से भी प्रभावित नहीं होते।