NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक घोटाले की जांच तेज हो गई है। CBI और विभिन्न राज्य पुलिस की टीमों ने मिलकर कई राज्यों में छापेमारी की, जिसमें अब तक कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस नेटवर्क में मध्यस्थों, कोचिंग कनेक्शन्स और फैसिलिटेटर्स की भूमिका सामने आ रही है।
पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुधवार को बिबवेवाड़ी इलाके से मनीषा वाघमारे (46 वर्ष) नामक महिला को हिरासत में लिया। वह ब्यूटी पार्लर चलाती हैं और कथित तौर पर लीक नेटवर्क में छात्रों को मुख्य आरोपियों से जोड़ने का काम करती थीं। पुलिस ने उनके मोबाइल और लैपटॉप से संदिग्ध संदेश व कॉल डिटेल्स जब्त किए हैं। उन्हें बाद में CBI को सौंप दिया गया। मनीषा का नाम धनंजय लोखंडे (26 वर्ष, अहमदनगर जिले के रहूरी) से भी जुड़ा है, जिन्हें पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में खुलासा हुआ कि एक हैंडरिटन ‘गेस पेपर’ व्हाट्सएप के जरिए बड़े पैमाने पर फैला। इसमें से करीब 120 प्रश्न असली पेपर से मैच करते पाए गए। यह गेस पेपर राजस्थान के सिकर, जयपुर समेत अन्य इलाकों में सैकड़ों छात्रों तक पहुंचा था। SOG ने इस सिलसिले में कई लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है, जिनमें कोचिंग काउंसलर्स भी शामिल हैं।
CBI ने पूरे मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है और देशभर में छापेमारी कर रही है। एजेंसी ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें महाराष्ट्र, हरियाणा और राजस्थान के आरोपी शामिल हैं। NTA ने 3 मई को हुई परीक्षा को रद्द कर दिया है। करीब 22 लाख छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा जल्द कराने की तैयारी है। इस घटना से छात्रों में भारी आक्रोश है और कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सरकार और NTA से सख्त जवाबदेही की मांग की जा रही है।