पेट्रोल-डीजल में 3 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण भारतीय बाजार में ईंधन की कीमतों में तेज उछाल आया है। शुक्रवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 3 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी कर दी, जिससे देशभर में ईंधन के दाम नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं।

इस बढ़ोतरी के साथ ही पिछले 48 घंटों में आम उपभोक्ताओं को तीन बड़े झटके लगे हैं। बुधवार को दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के बाद अब सीएनजी कीमतों में भी 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है। सीएनजी का नया औसत भाव 79.09 रुपये प्रति किलो हो गया है, जबकि मुंबई में यह 84 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

ईरान-इजरायल विवाद के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में समुद्री मार्ग प्रभावित होने से कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई पर दबाव बढ़ा है। इससे तेल कंपनियां घाटे में चल रही हैं और कीमतों में समायोजन करना पड़ा है।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में नागरिकों से ईंधन की बचत की अपील की थी और अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करके इसका प्रतीकात्मक संदेश भी दिया था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि पश्चिम एशिया का संकट जल्द समाप्त नहीं होता तो ईंधन कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

डीजल की महंगाई का सबसे ज्यादा असर माल ढुलाई पर पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में फल, सब्जी, अनाज समेत रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ने की आशंका है। मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के घरेलू बजट पर यह दोहरा बोझ पड़ रहा है।