जिला उपभोक्ता विवाद निराकरण आयोग ने फुटवियर कंपनी रेड टेप को एक ग्राहक से कैरी बैग के लिए वसूले गए 10 रुपये लौटाने के साथ आठ हजार रुपये मुआवजा और मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया है। यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मामला वर्ष 2023 का है, जब रोहतक के 27 वर्षीय एक युवक ने रेड टेप के आउटलेट से 2,069.70 रुपये के जूते खरीदे। खरीदारी के समय कंपनी ने कैरी बैग के लिए अतिरिक्त 10 रुपये लिए। युवक ने मुफ्त बैग की मांग की, लेकिन स्टाफ ने कंपनी की नीति का हवाला देते हुए इनकार कर दिया।
तीन वर्ष की कानूनी लड़ाई के बाद आयोग की पीठ (अध्यक्ष नागेंद्र सिंह कादियान, सदस्य तृप्ति पन्नू और डॉ. विजेंद्र सिंह) ने 12 जून को फैसला सुनाया। आयोग ने कैरी बैग के लिए अलग शुल्क वसूलने को सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक प्रथा करार दिया।
कंपनी के तर्क खारिज
सुनवाई के दौरान रेड टेप कंपनी ने दावा किया कि बैग का शुल्क पर्यावरण संरक्षण और ग्राहकों को अपना बैग साथ लाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया जाता है। कंपनी का कहना था कि बैग लेना अनिवार्य नहीं था।
आयोग ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि सामान बेचने वाले प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी है कि वह खरीदे गए उत्पाद को ग्राहक तक उचित रूप में पहुंचाए। इसलिए बैग के लिए अलग से पैसे लेना उचित नहीं है।
कितना मुआवजा देना होगा?
आयोग ने कंपनी को निर्देश दिया है कि 30 दिनों के अंदर ग्राहक को 10 रुपये वापस करने के अलावा सेवा में कमी के लिए 4,000 रुपये मुआवजे और मुकदमे के खर्च के रूप में 4,000 रुपये का भुगतान करे।