NCERT कक्षा 9 में पहली बार शामिल हुआ 1975-77 आपातकाल

एनसीईआरटी ने कक्षा 9वीं की नई सामाजिक विज्ञान किताब में 1975-77 के आपातकाल को पहली बार जगह दी है। छात्रों को अब लोकतंत्र की चुनौतियों के रूप में इस ऐतिहासिक घटना को पढ़ाया जाएगा।

पाठ्यक्रम में नया बदलाव, लोकतंत्र की मजबूती पर फोकस

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने नई किताब “Understanding Society: India and Beyond” में आपातकाल पर अलग हिस्सा जोड़ा है। इससे पहले यह विषय मुख्यतः उच्च कक्षाओं तक सीमित था। अब कक्षा 9 के स्तर पर छात्रों को भारतीय लोकतंत्र की ताकत और उसकी कमजोरियों दोनों के बारे में जानकारी मिलेगी।

किताब के लोकतंत्र संबंधी अध्याय में 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को लोकतंत्र के लिए बड़ी चुनौती के रूप में वर्णित किया गया है। इसमें मौलिक अधिकारों के निलंबन, प्रेस पर पाबंदी, विपक्षी नेताओं की हिरासत और संवैधानिक संस्थाओं पर पड़े असर का जिक्र है। साथ ही जयप्रकाश नारायण के आंदोलन और 1977 के चुनावों के बाद लोकतंत्र की वापसी को भी रेखांकित किया गया है।

एनसीईआरटी के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि यह कक्षा 9 की किताब में आपातकाल का पहला समावेश है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत पाठ्यक्रम को और समृद्ध बनाने की दिशा में किया गया है।

चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना

किताब के चुनाव संबंधी भाग में भारत के निर्वाचन आयोग की प्रशंसा की गई है। इसमें स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने में आयोग के योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया है। आयोग को लोकतंत्र की नींव मजबूत करने वाला अहम संस्थान माना गया है।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बदलाव से छात्रों में संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। आपातकाल की 50 वर्ष पूरे होने के बाद यह कदम और भी प्रासंगिक माना जा रहा है।