पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में महंगाई, बिजली संकट और स्थानीय अधिकारों को लेकर जारी आंदोलन अब चरम पर पहुंच गया है। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के केंद्रीय नेता शौकत नवाज मीर को मंगलवार को सुरक्षा बलों ने धीरकोट क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उनकी गिरफ्तारी की सूचना देने वाले को पाक सरकार ने एक करोड़ रुपये का इनाम रखा था।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, शौकत नवाज मीर दो साथियों के साथ छिपे हुए थे। उन्हें गिरफ्तार करने के बाद अज्ञात स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया। JAAC पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है और पूरे क्षेत्र में इसके सैकड़ों नेता-कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। अनुमान है कि 600 से अधिक लोगों को इस संबंध में उठाया गया।
आंदोलन की जड़ें और मांगें
PoK के लोग लंबे समय से बढ़ती महंगाई, महंगी बिजली और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। JAAC ने शुरू में इन मुद्दों पर आंदोलन छेड़ा था, लेकिन बाद में इसमें राजनीतिक सुधारों की मांग भी शामिल हो गई। खासतौर पर PoK विधानसभा में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को खत्म करने की मांग जोर-शोर से की जा रही है।
प्रदर्शनों के दौरान कई जगहों पर लोगों ने खुलकर कहा कि वे पाकिस्तान का हिस्सा नहीं मानते। नारेबाजी में स्थानीय स्वायत्तता और बेहतर सुविधाओं की मांगें प्रमुख रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों में झड़पों में कई लोगों के घायल और मारे जाने की खबरें आई हैं।
प्रशासन की सख्ती
पाकिस्तानी प्रशासन ने JAAC को आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बाद से छापेमारी तेज कर दी गई। शौकत नवाज मीर समेत कुछ अन्य नेताओं पर भड़काने और हिंसा फैलाने के आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। बाजार बंद रहे और सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई है। JAAC समर्थकों का कहना है कि आंदोलन दबाने की कोशिशें जारी रहने के बावजूद उनकी मांगें पूरी होने तक संघर्ष चलेगा।