केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पंजाब के जालंधर में भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा के समापन कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी AAP सरकार ने राज्य में चिट्टा यानी सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध कारोबार को खुलेआम फलने-फूलने का मौका दिया है। शाह ने कहा कि दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े लोगों से पंजाब को नशे के जहर से मुक्त करने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
अपने संबोधन में शाह ने पंजाब की माताओं और युवाओं से सीधा वादा किया कि अगर विधानसभा चुनाव में भाजपा को समर्थन मिला और कमल के निशान पर वोट पड़े तो 31 दिसंबर 2029 से पहले राज्य को चिट्टे के व्यापार से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा आने वाले चुनाव में नशा मुक्त पंजाब को अपना मुख्य मुद्दा बनाएगी।
गृह मंत्री ने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तंज कसते हुए कहा कि जो खुद नशे में रहते हैं और गुरु साहिबान का अपमान करते हैं, वे पंजाब को इस अभिशाप से नहीं निकाल सकते। केवल भाजपा ही इस समस्या का समाधान करने में सक्षम है। उन्होंने केंद्र की नशा मुक्त भारत मुहिम का जिक्र करते हुए बताया कि 2004-2014 के कांग्रेस शासन में देशभर में करीब 26 लाख किलो नशीले पदार्थ जब्त हुए थे, जबकि 2014-2024 में मोदी सरकार ने 1.20 करोड़ किलो ड्रग्स जब्त किए। मूल्य के हिसाब से भी भाजपा शासन में जब्ती का आंकड़ा कहीं ज्यादा रहा।
शाह ने जोर दिया कि पंजाब का असली विकास तब ही संभव है जब युवा नशे से आजाद हों। 13 दिन चली इस यात्रा में राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों को छुआ गया था। गृह मंत्री ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सजा सुनिश्चित करने का भी संकल्प दोहराया।