भोपाल: राजधानी भोपाल में तेजी से ओवर ब्रिज, अंडर ब्रिज और मेट्रो का काम चल रहा है। कई जगह ओवर ब्रिज बनने से इसके नीचे खाली जमीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसलिए सूरत नगर निगम की तर्ज पर भोपाल में भी फ्लाईओवर के नीचे की खाली जगह में स्पोर्ट्स हब विकसित करने से भोपालवासियों को इसका लाभ मिल सकता है। सूरत में इसे शहरी नियोजन का एक बेहतरीन उदाहरण बताया जा रहा है। यहां पहला प्रमुख स्पोर्ट्स हब पार्ले पॉइंट चार रास्ता स्थित शहीद वीर भगत सिंह ब्रिज के नीचे विकसित किया गया है। इस स्मार्ट अर्बन मैजिक का लाभ भोपालवासियों को भी मिल सकता है। यहां दस ब्रिज है, जिनके नीचे खाली ब्लॉक्स में करीब 70 प्ले जोन विकसित किए जा सकते हैं। यहां 5000 से अधिक लोगों को अपने घर के पास खेल सुविधा मिल सकती है। विशेषकर सघन आबादी वाले क्षेत्रों में जहां पार्क और खेल के मैदान जैसी सार्वजनिक जगहें बहुत कम होती है। इस अभिनव उपयोग से बिना किसी नई जमीन का उपयोग किए नागरिको को खेलने की जगह मिल जाती है। नगर निगम द्वारा संचालित होने के कारण बहुत कम शुल्क या सदस्यता फीस पर इसे उपलब्ध कराया जाता है।
राजधानी में इन स्थानों पर बनाए गए हैं आरओबी
गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक अंबेडकर ब्रिज करीब 2.7 किमी लंबाई में है। इसके नीचे की खाली जगह को छोटे-छोटे ब्लॉक में बांटकर कई मिनी-स्पोर्ट्स हब विकसित किए जा सकते हैं। यहां इन्हें हटाकर स्पोर्ट्स हब बने तो कोहेफिजा समेत परि पार्क व लालघाटी तक के लोगों को लाभ मिल सकता है। लालघाटी ब्रिज का हाल में सौंदर्गीकरण किया गया। यहां कई छोटे स्पोर्ट्स हब विकसित करने की जगह है। अभी चौराहा के पास शराब की दुकान होने से यहां दिनभर शराबी बैठे रहते हैं जो आवाजाही में दिक्कत देते हैं। करोद व छोला ब्रिज के नीचे काफी जगह है। आसपास पूरा स्लम एरिया है। यदि यहां स्पोर्ट्स हब बनें तो इंडोर गेम में स्लम से ही कई प्रतिभाओं को तराशा जा सकता है।