जिला कार्यकारिणी में पदों से वंचित नेता होंगे उपकृत
मध्यप्रदेश में स्थानीय निकायों और शिक्षण संस्थानों में लंबे समय से लंबित नियुक्तियों को लेकर अब सरकार ने पूरी सक्रियता के साथ तैयारी शुरू कर दी है। सत्ता और संगठन के बीच गहन मंथन के बाद एल्डरमैन और जनभागीदारी समितियों के गठन को लेकर अंतिम रूपरेखा तय कर ली गई है। अधिकांश नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में नवंबर में अधिकांश नियुक्तियां पूरी करने का लगभग तय हो चुका है।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर नगर निगमों में 12- 12 एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे, जबकि मुरैना, सिंगरौली, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, उज्जैन, सागर, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, रतलाम,कटनी नगर निगमों में 8-8 एल्डरमैन की नियुक्तियां की जाना है। इसके अलावा 99 नगर पालिकाओं में से लगभग 70 नगर पालिकाओं में 6-6 एल्डरमैन और 264 में से लगभग 180 नगर परिषदों में 4-4 एल्डरमैन के नाम तय करने की कवायद जारी है। इस प्रकार प्रदेशभर में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं और संगठन से जुड़े सक्रिय नेताओं को स्थानीय शासन में भागीदारी का अवसर मिलेगा।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा संगठन और सरकार के बीच हुए समन्वय में यह बात भी स्पष्ट हुई है कि इन नियुक्तियों के माध्यम से भाजपा के स्थानीय नेताओं को उपकृत किया जाएगा, खासकर ऐसे नेताओं को जो संगठन में लगातार सक्रिय रहे हैं, लेकिन हाल ही में घोषित जिला कार्यकारिणी में जगह नहीं पा सके हैं। पार्टी ने अब तक 36 जिलों की कार्यकारिणी घोषित की है, इन जिलों में सबसे पहले एल्डरमैन की नियुक्तियां की जाएगी। भाजपा इस प्रक्रिया को एक राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रही है, जिला कार्यकारिणी में स्थान नहीं मिलने से कार्यकर्ताओं में अंदरूनी नाराजगी को दूर किया जा सके। इसी क्रम में, प्रदेश के लगभग 300 कॉलेजों में जनभागीदारी समितियों के गठन की तैयारी भी जोरों पर है।