देवउठनी एकादशी आज: शाम को होगा तुलसी-शालिग्राम विवाह

राजधानी में आज देवउठनी एकादशी धूमधाम से मनाई जा रही है। भगवान विष्णु चार महीने बाद अपनी निद्रा से जागेंगे और पृथ्वी का कार्यभार संभालेंगे। देवउठनी एकादशी पर शहर भर के मंदिरों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, शाम को घरों में भगवान तुलसी और शालिग्राम का विवाह संपन्न होगा। देवउठनी एकादशी पर आज से शुभ कार्यक्रम शुरू हो रहे हैं, जिसके चलते ढेरों शादियाँ हो रही हैं। टेंट और कैटरिंग व्यवसायी रिंकू भटेजा के अनुसार, शादियों का मौसम अभी पाँच महीने दूर है, जिसके चलते पहले ही दिन ढेरों बुकिंग हो रही हैं। देवउठनी एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम गोधूलि बेला, शाम 6:00 बजे से 7:30 बजे तक है, जिसे शुभ माना जाता है। पूजा का सबसे अच्छा समय स्थिर वृषभ लग्न में शाम 6:27 बजे से रात 8:26 बजे तक और मिथुन लग्न में रात 8:26 बजे से रात 10:38 बजे तक है। पटेल नगर स्थित दादाजी धाम मंदिर में शनिवार को भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। संत नामदेव महाराज की 755वीं जयंती पर गर्भगृह में स्थापित प्रतिमा का अभिषेक कर श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जाएगा।

 भगवत प्राप्ति में अड़चन है अहंकार

मनुष्य को भूलकर भी अभिमान नहीं करना चाहिए। राजसिक, तामसिक और सात्विक। ये तीनों हमें ईश्वर प्राप्ति से रोकते हैं। अभिमान तीन प्रकार का होता है। आचार्य डॉ. सुरेंद्र बिहारी गोस्वामी ने ये सद्विचार शुक्रवार को अरेरा हिल्स स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर (बिड़ला मंदिर) में चल रही श्रीराम कथा के दौरान व्यक्त किए।