छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के छुईखदान थाना क्षेत्र के झुरानदी गांव में रविवार को हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। कुएं से बरामद हुए दो मासूम भाई-बहन, 4 वर्षीय करण वर्मा और 2 वर्षीय राधिका, की मौत को पहले एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जाँच में यह स्पष्ट रूप से हत्या साबित हुई है। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाली कोई और नहीं, बल्कि उन्हीं के परिवार की एक 13 साल की नाबालिग लड़की है।
हत्या का कारण: प्रॉपर्टी विवाद और चिढ़ाना
पुलिस जाँच में सामने आया है कि इस दोहरे हत्याकांड के पीछे पारिवारिक प्रॉपर्टी विवाद और बदले की भावना थी। दोनों परिवारों के बीच कुछ समय से संपत्ति को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था। इसी बीच, मृत 4 वर्षीय करण वर्मा, जो रिश्ते में नाबालिग का भाई लगता था, उसे अक्सर “चोर-चोर” कहकर चिढ़ाता था। पुलिस के अनुसार, इसी गुस्से और प्रतिशोध की भावना ने 13 साल की नाबालिग को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
मासूमों को कुएं में धकेलने की क्रूरता
जानकारी के मुताबिक, 9 नवंबर की सुबह करीब 8 बजे गजानंद वर्मा के दोनों बच्चे करण और राधिका घर के पास कुएं के पास खेल रहे थे। इसी दौरान, नाबालिग ने गुस्से में आकर अपने 4 वर्षीय भाई करण को कुएं में धकेल दिया।
इस घटना को करण की 2 साल की छोटी बहन राधिका ने देख लिया और वह रोने लगी। अपनी करतूत छिपने और पकड़े जाने के डर से, नाबालिग ने तुरंत अपने पास रखे रूमाल से राधिका का मुँह बांधा और उसे भी उसी कुएं में धकेल दिया।
पुलिस कार्रवाई और गांव में सदमा
बच्चों के अचानक गायब होने के बाद परिवार ने उनकी तलाश शुरू की, जिसके बाद बड़े बेटे का शव कुएं में दिखाई दिया। सूचना पर पुलिस और ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। मोटरपंप के जरिए कुएं का पानी निकाला गया, जिसके बाद दोनों बच्चों के शवों को बाहर निकाला जा सका। बच्ची राधिका का शव कुएं के आखिरी छोर पर मिला था।
झुरानदी गांव के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि किशोर उम्र की एक बच्ची इतनी बड़ी और क्रूर वारदात को अंजाम दे सकती है। पुलिस ने आरोपी नाबालिग को हिरासत में ले लिया है और विधि अनुसार उसे किशोर न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।