लाल किला ब्लास्ट: उमर का DNA मैच, लावारिस कार बरामद

दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए कार बम धमाके के मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर उन नबी के डीएनए की पुष्टि हो गई है। फोरेंसिक जांच में विस्फोट वाली कार से मिले दांत, हड्डियां, खून से सने कपड़े के टुकड़े और पैर का एक हिस्सा स्टीयरिंग व्हील व एक्सीलेटर के बीच फंसा हुआ था। ये सभी नमूने उमर की मां के डीएनए से पूरी तरह मेल खाते पाए गए।

दूसरी ओर, धमाके का सबसे निकटतम सीसीटीवी फुटेज देर रात सार्वजनिक हुआ। 10 सेकंड की इस क्लिप में लाल किला मेट्रो स्टेशन के सिग्नल पर 20 से अधिक वाहन रुके दिखाई दे रहे हैं। शाम करीब 6:51 बजे सिग्नल हरा हुआ और जैसे ही वाहन आगे बढ़े, एक हुंडई आई-20 कार में जबरदस्त विस्फोट हो गया। धमाके से उठी आग की लपटों ने आसपास की कई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया।

पुलिस को शुरू से आशंका थी कि आतंकियों के पास एक से अधिक वाहन थे। इस संदेह के आधार पर दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और हरियाणा में दूसरे वाहन की तलाश के लिए अलर्ट जारी किया गया। बुधवार को हरियाणा के खंदावली गांव में एक लावारिस कार मिलने की सूचना मिली। एनएसजी की बॉम्ब स्क्वॉड टीम मौके पर पहुंची, लेकिन वाहन को अभी पूरी तरह खोला नहीं गया है।

सूत्रों के अनुसार यह कार उमर के ड्राइवर की बहन के घर के पास खड़ी थी। वहीं, जांच में एक लाल रंग की इकोस्पोर्ट कार (पंजीकरण संख्या डीएल10-सीके-0458) के धमाके से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। करीब 10 घंटे की तलाशी के बाद यह वाहन भी खंदावली में लावारिस हालत में बरामद हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि कार का मालिकाना हक मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी के नाम पर दर्ज है। फिलहाल फोरेंसिक और एनएसजी की टीमें दोनों वाहनों की गहन जांच कर रही हैं।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया कि यह रेकी 26 जनवरी को लाल किला जैसे ऐतिहासिक स्थल को निशाना बनाने की बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती थी, जो उस दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते नाकाम रही। जांच में पता चला है कि आई-20 चलाने वाले उमर और उनका साथी मुजम्मिल हाल ही में तुर्की की यात्रा पर गए थे। उनके पासपोर्ट पर तुर्की के इमीग्रेशन स्टैंप मिले हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि क्या वे वहां किसी विदेशी संपर्क से मिले थे।

गौरतलब है कि जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के कुछ घंटे बाद ही यह विस्फोट हुआ। पुलिस ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले इस नेटवर्क से तीन डॉक्टरों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। छापेमारी में करीब 2,500 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोरेट और सल्फर बरामद हुआ था।