मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप

बर्फीली हवाओं के कारण पूरा मध्य प्रदेश ठंड से ठिठुर रहा है, जहां अब सुबह और रात के साथ-साथ दिन भी ठंडे हो गए हैं। राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत राज्य के कई जिलों में शीतलहर का असर है। मंगलवार को 15 से भी ज़्यादा जिलों में ठंडी हवाएं चलीं और मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी ऐसी ही ठंड बनी रहेगी। अब कोहरे का प्रभाव भी दिखने लगा है, भोपाल में मंगलवार शाम से ही धुंध छाने लगी थी।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए भोपाल, इंदौर, राजगढ़, जबलपुर, शाजापुर, सीहोर, देवास, खंडवा, खरगोन, धार, बड़वानी, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, शहडोल, कटनी और उमरिया में कोल्ड वेव (शीतलहर) चलने का अलर्ट जारी किया है।

इससे पहले सोमवार-मंगलवार की रात को राज्य के 18 शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। राजगढ़ 5.6 डिग्रीके साथ सबसे ठंडा रहा। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 6.4 डिग्री उमरिया में 7.6 डिग्रीनौगांव में 7.8 डिग्री, और शिवपुरी में 8.0 डिग्री दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों की बात करें तो भोपाल में पारा 8.2 डिग्री इंदौर में 7.7 डिग्री, जबलपुर में 9.0 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री और उज्जैन में 11.डिग्री रिकॉर्ड किया गया। भोपाल में हालांकि रविवार-सोमवार की रात को तापमान रिकॉर्ड 5.2 डिग्री तक गिर गया था, जिसने नवंबर की सर्दी का 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

तापमान में आई इस भारी गिरावट को देखते हुए, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, खंडवा, झाबुआ, शहडोल और सागर सहित कई जिलों में स्कूलों की समय-सारणी में बदलाव किया गया है। जबलपुर में 19 नवंबर से कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आदेश जारी किया है कि नर्सरी से पाँचवीं कक्षा तक के स्कूल सुबह 9 बजे से पहले शुरू नहीं किए जाएंगे। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मौसम साफ है, जिससे उत्तरी हवाओं का असर बना रहेगा और अगले दो दिन तक शीतलहर का अलर्ट जारी है। हालांकि, 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय हो रहा है, जिसका असर आगे के मौसम पर पड़ सकता है।