वैश्विक प्रतिबंधों के बढ़ते दबाव और यूरोपीय संघ (EU) के कड़े नियमों के मद्देनजर, भारत के सबसे बड़े समूह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अपनी निर्यात-उन्मुख रिफाइनरी (SEZ) में रूसी कच्चे तेल का आयात पूरी तरह से रोक दिया है। कंपनी ने 20 नवंबर से जामनगर स्थित अपनी विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) रिफाइनरी के लिए रूसी कच्चे तेल की खरीद बंद कर दी है।
रिलायंस भारत में रूसी कच्चे तेल की सबसे बड़ी खरीदार रही है, लेकिन अब यह फैसला लिया गया है ताकि आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों और निर्यात नियमों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
EU प्रतिबंधों का सीधा असर
आरआईएल प्रवक्ता ने पुष्टि करते हुए बताया कि, “हमने 20 नवंबर से अपनी एसईजेड रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का आयात बंद कर दिया है। 1 दिसंबर से, इस रिफाइनरी से निर्यात होने वाले सभी उत्पाद गैर-रूसी कच्चे तेल से प्राप्त किए जाएँगे।” यह बदलाव EU द्वारा लगाए गए उस नए प्रतिबंध से पहले किया गया है, जो जनवरी 2026 से उन पेट्रोलियम उत्पादों के आयात को प्रतिबंधित कर देगा जो रूसी कच्चे तेल से शोधित किए गए हों।
यूरोपीय संघ रिलायंस के लिए एक प्रमुख निर्यात बाजार है, जिसके कारण कंपनी ने अमेरिकी प्रतिबंधों और EU की कड़े अनुपालन आवश्यकताओं को देखते हुए यह महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव किया है। हालाँकि, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके पास पहले से मौजूद रूसी कच्चे तेल को घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने वाली रिफाइनरी (DTA) में संसाधित किया जाएगा।
कंपनी का यह कदम अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक समझौतों और भू-राजनीतिक संबंधों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।