अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण महोत्सव की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। मेहमानों की आवभगत से लेकर सभी धार्मिक अनुष्ठानों तक, हर कार्य को बारीकी से संपन्न किया जा रहा है। आमंत्रित श्रद्धालुओं और अतिथियों के लिए सात अलग-अलग स्थानों पर आठ विशाल भोजनालय स्थापित किए गए हैं, जहां लाखों पानी की बोतलें सहित भोजन, जलपान और अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन भोजनालयों में जलपान के बाद अतिथियों को सुव्यवस्थित रूप से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह ‘पंकज’ ने बताया कि सीता रसोई के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में अन्नपूर्ण सेवा करने वाले भक्तमंडल और संगठन भी इन भोजनालयों में सहयोग कर रहे हैं। सभी भोजनालयों में मेहमानों को निर्बाध, सम्मानजनक और सुगम सेवाएं दी जा रही हैं।
ध्वजारोहण महोत्सव के पहले दिन भव्य कलश यात्रा के पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन का श्री गणेश हुआ। विभिन्न विद्वान आचार्यों ने पूर्ण वैदिक परंपरा के अनुसार देवताओं का आवाहन किया और अनेक महत्वपूर्ण अनुष्ठान संपन्न कराए। क्रमवार रूप से गणेश पूजन, पंचांग पूजन, षोडश मातृका पूजन, मंडप प्रवेश पूजन, योगिनी पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, वास्तु पूजन, नवग्रह पूजन तथा रामभक्त मंडल सहित सभी पूजनीय मंडलों का विधिवत पूजन संपन्न हुआ।
तत्पश्चात अरणि मंथन द्वारा अग्निकुंड में पवित्र अग्नि की स्थापना की गई। मुख्य यजमान डॉ. अनिल मिश्र ने अपनी धर्मपत्नी के साथ पूजन संपन्न किया। मुख्य आचार्य चंद्रभान शर्मा, उपाचार्य रविंद्र पैठणे, यज्ञ ब्रह्मा पंकज शर्मा तथा अन्य आचार्यों के नेतृत्व में कार्यक्रम सुचारु रूप से चला। पूरे अनुष्ठानों का संचालन प्रमुख आचार्य इंद्रदेव मिश्र एवं आचार्य पंकज कौशिक के मार्गदर्शन में हुआ।