भोपाल में संविदा कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन, नियमितिकरण की मांग

 मध्यप्रदेश में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कार्यरत करीब ढाई लाख संविदा कर्मचारियों ने आज (शनिवार) राजधानी भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया। मप्र संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले कर्मचारियों ने लिंक रोड नंबर-2 स्थित अंबेडकर पार्क में धरना दिया। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें नियमितिकरण और समान काम-समान वेतन लागू करने से जुड़ी हुई हैं।

मंच के प्रदेश संयोजक दिनेश सिंह तोमर ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है, जिसके कारण कर्मचारियों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि धरने के बावजूद सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो आने वाले दिनों में राजधानी में आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

 प्रदर्शन की प्रमुख मांगें

संविदा कर्मचारियों की 9 सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मुद्दे शामिल हैं, जिनके विरोध में संविदा कर्मचारी लामबंद हैं:

  • नियमितिकरण: अनुभव के आधार पर सीधी भर्ती में आरक्षित 50% पदों में संविलियन/नियमित किया जाए।
  • महंगाई भत्ता (DA): CPI इंडेक्स (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के स्थान पर नियमित कर्मचारियों की तरह घोषणा दिनांक से महंगाई भत्ता (DA) प्रदान किया जाए, क्योंकि वर्तमान में उन्हें महंगाई भत्ता भी नहीं मिल रहा है।
  • वेतन विसंगति: विसंगतिपूर्ण समकक्षता निर्धारण के विरुद्ध प्राप्त अभ्यावेदनों का एक माह के अंदर निराकरण किया जाए।
  • अवकाश और सुरक्षा: नियमित कर्मचारियों के समान अर्जित अवकाश एवं मेडिकल अवकाश का प्रावधान हो और अवकाश वर्ष के अंत में समाप्त न हों।
  • सेवा सुरक्षा: किसी कारणवश कोई योजना समाप्त होने पर, उसके अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को अन्य योजना में समकक्ष पद पर नियुक्ति देने का प्रावधान किया जाए।
  • बीमा: प्रत्येक संविदा कर्मचारी का कम से कम ₹20 लाख का सामूहिक बीमा किया जाए।
  • महिला कर्मचारियों को लाभ: नियमित कर्मचारियों की तरह महिला संविदा कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव (Child Care Leave) का प्रावधान किया जाए।
  • नीति पालन: वर्ष 2023 की संविदा नीति की सभी कंडिकाओं का अक्षरशः पालन हो।
  • विशेष विभागों में नीति लागू करना: कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, मनरेगा और सामाजिक न्याय विभाग जैसे विभागों के कर्मचारियों के लिए अब तक संविदा नीति लागू नहीं हुई है, इसे तत्काल लागू किया जाए।

मंच के प्रदेश सह संयोजक सजल भार्गव ने कहा कि यह लड़ाई हमारे हक, सम्मान और सुरक्षा की है, जिसे हम हर स्तर पर शासन के समक्ष रख रहे हैं।