राजस्थान सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 को रद्द करने के एकलपीठ के फैसले के खिलाफ दायर राज्य सरकार की अपील पर आज (सोमवार) हाईकोर्ट की खंडपीठ ने नोटिस जारी किए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा की खंडपीठ ने सरकार की अपील पर एकलपीठ में याचिकाकर्ता रहे कैलाशचंद्र शर्मा व अन्य को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 5 जनवरी को तय की है।
सरकार की दलील: पूरी भर्ती रद्द करना सही नहीं
अपनी अपील में राज्य सरकार ने यह दलील दी है कि कुछ लोगों की गलती की वजह से पूरी भर्ती को रद्द करना न्यायसंगत नहीं है। सरकार ने कहा है कि पेपर लीक की घटना सीमित थी। सेंटर से जो पेपर लीक हुआ था, वह केवल कुछ अभ्यर्थियों तक ही पहुँचा था। वहीं, RPSC (राजस्थान लोक सेवा आयोग) से लीक होने वाला पेपर भी संलिप्त RPSC सदस्यों के बच्चों और दलालों तक ही गया था, और इसका प्रसार पूरे राजस्थान में नहीं हुआ था।
सरकार ने खंडपीठ से गुजारिश की है कि पूरी भर्ती रद्द होने से इसका असर सही और योग्य अभ्यर्थियों के जीवन पर भी पड़ रहा है। सरकार ने तर्क दिया कि यदि जाँच एजेंसियाँ भर्ती में सही और गलत की छंटनी (अलग करना) कर सकती हैं, तो कोर्ट को पूरी भर्ती रद्द नहीं करनी चाहिए।
देरी माफी का प्रार्थना पत्र स्वीकार
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त को एसआई भर्ती को रद्द किया था। इस फैसले के खिलाफ अपील 60 दिन के भीतर खंडपीठ में की जानी थी, लेकिन सरकार ने यह अपील 60 दिन की समय सीमा निकलने के बाद दायर की। ऐसे में, सरकार ने अपील के साथ देरी माफी का प्रार्थना पत्र भी लगाया था, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किए।
वकील हरेन्द्र नील ने बताया कि आज सरकार की अपील के साथ ही RPSC के पूर्व अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय, पूर्व सदस्य मंजू शर्मा सहित चयनित अभ्यर्थियों की अपीलें भी सुनवाई के लिए लगी हुई थीं। खंडपीठ ने इनमें से कई मामलों में नोटिस जारी किए हैं और कुछ मामलों में नोटिस तामील कराने के निर्देश दिए हैं।