नवंबर में ही कड़ाके की ठंड, कश्मीर में -4.1°C, दिल्ली AQI 396 पार

भारत के कई राज्यों में नवंबर के मध्य से ही सर्दी ने जोरदार दस्तक दे दी है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक तापमान में तेज़ गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों का रोज़मर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है।

जम्मू-कश्मीर में इस बार ठंड ने सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 3.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जबकि बांदीपोरा में पारा माइनस 4.1 डिग्री तक लुढ़क गया। यह इस सीज़न की अब तक की सबसे ठंडी रात रही। तेज़ बर्फीली हवाएँ चलने से ठिठुरन और बढ़ गई है।

हिमाचल प्रदेश में भी शिमला, मनाली और ऊँचे इलाकों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। देहरादून सहित कई जिलों में दिन में धूप रहने के बावजूद रात और सुबह काफ़ी ठंड महसूस हो रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में पाला पड़ने की संभावना बनी हुई है।

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी सर्दी का असर साफ़ दिख रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार में रात का तापमान तेज़ी से गिर रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के अभाव और उत्तर-पश्चिमी शुष्क व ठंडी हवाओं के प्रभाव से अगले कई दिनों तक तापमान में और कमी आएगी। 25 से 30 नवंबर तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, हालांकि सुबह के समय कई जगहों पर हल्का से मध्यम कोहरा छा सकता है।

दूसरी तरफ़ दिल्ली-एनसीआर में सर्दी के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी चरम पर बना हुआ है। सोमवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 396 रहा, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। एनसीआर के कुछ हिस्सों में तो एक्यूआई 450 के पार चला गया। ठंड बढ़ने और हवा की रफ़्तार कम होने से आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका है।