भारत-इंडोनेशिया ब्रह्मोस डील अंतिम चरण में, रक्षा सहयोग को नई ऊँचाई!

भारत और विश्व के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग नई ऊँचाइयों को छू रहा है। दोनों देशों के बीच स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की खरीद को लेकर बातचीत अंतिम阶段 में पहुँच गई है। इंडोनेशिया ने इस अत्याधुनिक मिसाइल में गहरी रुचि दिखाई है और मीडिया खबरों के मुताबिक सौदा जल्द ही पूरा हो सकता है।

नई दिल्ली में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री प्रबोवो सुबियांतो (पूर्व में स्याफरी स्यामसुद्दीन के स्थान पर) के बीच तीसरे भारत-इंडोनेशिया रक्षा मंत्री वार्ता का आयोजन हुआ। इस दौरान राजनाथ सिंह ने अपने इंडोनेशियाई समकक्ष को ब्रह्मोस मिसाइल का एक आकर्षक मॉडल उपहार में दिया।

बैठक में दोनों देशों ने रक्षा उद्योग संयुक्त निगम समिति (Defence Industry Joint Corporation Committee) गठित करने पर सहमति जताई। इस समिति का मुख्य उद्देश्य तकनीकी हस्तांतरण, संयुक्त अनुसंधान-विकास, उत्पादन और सप्लाई चेन में सहयोग को बढ़ाना होगा।

इंडोनेशिया ने भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता का महत्वपूर्ण साझेदार बताया। दोनों देशों ने आसियान के आउटलुक ऑन इंडो-पैसिफिक और भारत की इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव को एक-दूसरे के पूरक बताया।

समुद्री निगरानी, साइबर सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यासों में सहयोग, रक्षा उद्योग सहभागिता, स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी परियोजना, रक्षा चिकित्सा तथा फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में सहयोग पर विशेष बल दिया गया।

दोनों मंत्रियों ने थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच हो रहे संयुक्त अभ्यासों — जैसे सुपर गरुड़ शील्ड, गरुड़ शक्ति, समुद्र शक्ति और मिलन — की प्रशंसा की। साथ ही सैन्य प्रशिक्षण, अधिकारियों के आदान-प्रदान और संस्थानों के बीच विजिट को और बढ़ाने का निर्णय लिया गया ताकि आपसी संचालन क्षमता और ज्ञान का आदान-प्रदान मजबूत हो।

बैठक में इस वर्ष 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस परेड में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति की उपस्थिति और 352 इंडोनेशियाई सैनिकों की टुकड़ी की शानदार भागीदारी को दोनों पक्षों ने याद किया और इसे रिश्तों की गहराई का प्रतीक बताया।

कुल मिलाकर यह बैठक भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने वाली साबित हुई है, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल सौदा सबसे बड़ा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।