झालावाड़ पुलिस का ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार’: 125 करोड़ की 107 अवैध संपत्तियां फ्रीज

राजस्थान के झालावाड़ पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके अवैध साम्राज्य की नींव हिला दी है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित कुमार के निर्देशन में चलाए गए “ऑपरेशन दिव्य प्रहार” के तहत, पुलिस ने 71 नशा तस्करों पर कार्रवाई करते हुए उनकी 125 करोड़ रुपए मूल्य की 107 संपत्तियां फ्रीज कर दी हैं।

यह कार्रवाई नशा कारोबारियों की कमर तोड़ने के उद्देश्य से की गई है, जिससे यह संदेश जाए कि अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति स्थायी नहीं रह सकती।

फ्रीज की गई प्रमुख संपत्तियां

फ्रीज की गई 107 संपत्तियों में कई महत्वपूर्ण और महंगी चीजें शामिल हैं:

पेट्रोल पंप, आलीशान मकान, कृषि भूमि, कॉमर्शियल प्लॉट, महंगी गाड़ियां

NDPS एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई

एसपी अमित कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) की धारा 68-एफ के तहत की गई है। दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी द्वारा इन संपत्तियों को फ्रीज करने की मंजूरी मिल चुकी है। अब नशा तस्कर इन फ्रीज की गई संपत्तियों को बेच, गिरवी रख या उपयोग नहीं कर सकेंगे।

कार्रवाई की रणनीति और विशेष टीम

इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुलिस की MOB (मॉब) शाखा ने पिछले कुछ महीनों से गुप्त रूप से डेटाबेस तैयार किया। इस डेटाबेस में नशा नेटवर्क से जुड़े अपराधियों और उनके रिश्तेदारों की अवैध संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई थी।

थाना प्रभारियों, साइबर टीम और एक विशेष जांच दल ने मिलकर कानूनी प्रक्रिया के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया। एसपी कार्यालय में चार सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें हेड कॉन्स्टेबल हेमंत शर्मा और पिंकू मैरोठा, तथा साइबर यूनिट से कॉन्स्टेबल वीकेश और नीतेश शामिल थे।

एसपी अमित कुमार ने कहा, “यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि नशा व्यापार की जड़ों पर आर्थिक प्रहार है। अपराधियों को यह समझना होगा कि नशे से अर्जित संपत्तियां स्थायी नहीं रह सकतीं।”